देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश के मजबूत वित्तीय प्रबंधन और राजकोषीय अनुशासन की राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सराहना पर संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों और संसाधनों के कुशल उपयोग के कारण आज उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।
मुख्य बिंदु और उपलब्धियां:
- नीति आयोग इंडेक्स में दूसरा स्थान: नीति आयोग द्वारा जारी ‘फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026’ (राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक) में उत्तराखंड को उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग राजस्व वृद्धि, व्यय की गुणवत्ता और ऋण प्रबंधन में राज्य के शानदार प्रदर्शन को दर्शाती है।
- अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट (AJNIFM) की रिपोर्ट: इस प्रतिष्ठित संस्थान की रिपोर्ट में भी विशेष दर्जा प्राप्त हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर रहा है।
- राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline): भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड सरकार ने राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन (FRBM) अधिनियम के मानकों का पूर्णतः पालन किया है।
- राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus): राज्य ने न केवल अपने राजस्व में वृद्धि की है, बल्कि राजकोषीय घाटे को भी सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफलता पाई है।
- ऐतिहासिक बजट: मुख्यमंत्री धामी ने हाल ही में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.23 करोड़ का बजट पेश किया है, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- केंद्र से प्रोत्साहन: बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को ₹350 करोड़ की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की है, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर चलते हुए उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सशक्त और विकसित राज्य बनाना है।