खटीमा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
शनिवार को अपने गृह क्षेत्र खटीमा पहुंचे, जहाँ उन्होंने स्थानीय निवासियों और विशेष रूप से महिला समूहों के साथ पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ होली मनाई। मुख्यमंत्री के निजी आवास
और देवरी स्थित डिवाइन इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित ‘होली मिलन’ कार्यक्रमों में सीएम धामी पूरी तरह से लोक संस्कृति के रंग में रंगे नजर आए। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह पर फूलों की वर्षा की और अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं।
महिला शक्ति का सम्मान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
होली मिलन समारोह के दौरान विभिन्न समुदायों की महिलाओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और कुमाऊंनी, थारू और बंगाली लोक परंपराओं पर आधारित होली गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। महिलाओं के उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री खुद को रोक नहीं पाए और उनके साथ पारंपरिक धुनों पर थिरकते नजर आए। सीएम ने महिला शक्ति को नमन करते हुए कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं की भागीदारी सर्वोपरि है और सरकार उनकी गरिमा व सुरक्षा के लिए समान नागरिक संहिता (UCC) जैसे कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने खटीमा को ‘मिनी इंडिया’ बताते हुए यहाँ की सांप्रदायिक सद्भाव की सराहना की।
अपनों के बीच भावुक हुए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “खटीमा मेरा घर है और यहाँ के लोग मेरा परिवार हैं। राजनीति से परे, अपनों के बीच आकर मुझे जो ऊर्जा और आशीर्वाद मिलता है, वह अद्वितीय है।” उन्होंने बुजुर्गों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और बच्चों के साथ भी होली खेली। रिपोर्ट के मुताबिक, सीएम ने पारंपरिक ढोल-मजीरे भी बजाए और ‘होली रे होली’ के गीतों के साथ माहौल को भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना दिया।
समृद्ध विरासत को संजोने का संदेश
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर युवाओं से अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएं और त्योहार ही हमारी पहचान का आधार हैं। होली जैसे पर्व सामाजिक एकता, समरसता और भाईचारे का प्रतीक हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी से प्रेमपूर्वक त्योहार मनाने की अपील की।