उत्तराखंड का चमोली जिले के राज्य पर्यटन विभाग ने ‘ट्रेक ऑफ द ईयर-2025’ घोषित किया है। पर्यटन विभाग के इस निर्णय से स्थानीय लोगों में उत्साह है, इससे उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ेगे। अब देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर इस घाटी को नई पहचान मिल सकती है। चिनाप घाटी को उत्तराखंड की दूसरी फूलों की घाटी भी कहा जाता है।आपको बता दें कि चमोली जिले के ज्योतिर्मठ (जोशीमठ) ब्लॉक की उर्गम, थैंग और खीरों घाटियों के बीच बसी चिनाप घाटी समुद्रतल से लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां करीब 300 से अधिक प्रजातियों के रंग-बिरंगे हिमालयी फूल खासकर सैकड़ों क्यारियों में देव पुष्प ब्रह्मकमल पाए जाते हैं। इसके अलावा चिनाप घाटी में अनेक दुर्लभ वनस्पतियां और औषधीय गुणों वाली जड़ी-बूटियां भी मिलती हैं। यहां चारों ओर फैली हिमालयी चोटियां और बर्फ से ढकी पर्वतमालाएं यात्रियों को अद्भुत और रोमांचक दृश्य प्रदान करती हैं।प्रकृति प्रेमी और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता दिलबर सिंह फर्स्वाण के अनुसार, सालों से लोग इस घाटी को पर्यटन मानचित्र पर लाने की कोशिश कर रहे थे। यहां आने वाले यात्री न केवल फूलों की घाटी का नज़ारा ले सकते हैं, बल्कि पास ही स्थित फुलारा बुग्याल, गणेश मंदिर और सोना शिखर जैसी जगहों का भी आनंद उठा सकते हैं। यात्रियों के लिए यहां से कई रोचक ट्रेकिंग मार्ग भी उपलब्ध हैं। जैसे, हेलंग-उर्गम-चिनाप-खीरों होते हुए यात्री हनुमान चट्टी या बदरीनाथ धाम तक पैदल यात्रा कर सकते हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों के लिए रोज़गार और व्यवसाय के अवसर भी बढ़ेंगे। जिलाधिकारी चमोली, डॉ. संदीप तिवारी का कहना है, कि “चिनाप घाटी किसी भी मायने में फूलों की घाटी से कम नहीं है। इसलिए इसे ट्रेक ऑफ द ईयर घोषित किया गया है। विभागीय स्तर पर यहां आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के लिए ठोस रणनीति बनाई जा रही है।”

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