स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों से अब तक की प्रगति, उपलब्ध अवसंरचना, वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति तथा निरीक्षण रिपोर्ट के निष्कर्षों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने निर्देश दिया कि नर्सिंग शिक्षा को सुदृढ़ बनाने, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करने और पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि 14 अगस्त 2025 को शासन द्वारा संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ जारी की जा चुकी हैं। सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को पीजी कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है और सभी औपचारिकताएँ पूरी कर ली गई हैं।

इसके लिए 12 नवम्बर 2025 को एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसे परिसर के भौतिक सत्यापन का दायित्व सौंपा गया। समिति ने 14 नवम्बर 2025 को कॉलेज का स्थलीय निरीक्षण कर व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें बताया गया कि कॉलेज में भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय, मल्टीपरपज़ हॉल और एमएससी नर्सिंग के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

कॉलेज के पास जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सीएचसी नरेंद्रनगर (50 बेड) क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए उपलब्ध हैं, जो प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरा करते हैं। निरीक्षण में पाया गया कि संस्थान के पास 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसमें 32,452.97 वर्गफुट शैक्षणिक क्षेत्र और 39,447.36 वर्गफुट हॉस्टल क्षेत्र शामिल है। समिति ने संपूर्ण अवसंरचना को पीजी कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया।

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर समिति ने राजकीय नर्सिंग कॉलेज नई टिहरी में एमएससी नर्सिंग की 15 नई सीटें शुरू करने की संस्तुति की है।
बैठक में डॉ. ए.के. आर्य, निदेशक चिकित्सा शिक्षा, डॉ. रविन्द्र सिंह बिष्ट, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा, मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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