ऋषिकेश, 22 जनवरी 2026: योगनगरी ऋषिकेश के स्वर्गाश्रम स्थित गीता भवन में बुधवार को गीता प्रेस, गोरखपुर द्वारा प्रकाशित प्रसिद्ध मासिक पत्रिका ‘कल्याण’ के शताब्दी वर्ष समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रिका के शताब्दी अंक और ‘आरोग्यांक’ (गुजराती संस्करण) का विमोचन किया।
भारतीय मूल्यों का संवाहक है ‘कल्याण’
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘कल्याण’ पत्रिका केवल पन्नों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को प्रदीप्त करने वाली एक मशाल है। उन्होंने कहा कि बीते 100 वर्षों से यह पत्रिका घर-घर तक सनातन धर्म के ज्ञान और नैतिकता को पहुँचाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह नगरी विश्व की ‘योग राजधानी’ के रूप में उभर रही है और यहाँ इस तरह के आध्यात्मिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं।
सनातन की रक्षा शास्त्र और तर्क से संभव: अमित शाह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि ‘कल्याण’ ने भारत की आत्मा को छापने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भी देश पर सांस्कृतिक संकट आया, इस पत्रिका ने भारतीय मनीषा की रक्षा की। गृह मंत्री ने वर्तमान सरकार के सांस्कृतिक पुनरुद्धार के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 35 प्रमुख तीर्थस्थलों का कायाकल्प किया जा चुका है और विदेशों से 642 मूर्तियां वापस लाकर मंदिरों में स्थापित की गई हैं।
समारोह की मुख्य झलकियां:
- शताब्दी अंक का विमोचन: 1926 से निरंतर प्रकाशित हो रही ‘कल्याण’ पत्रिका के 100वें वर्ष के विशेषांक का विमोचन किया गया।
- गणमान्य संतों की उपस्थिति: कार्यक्रम में जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और राम जन्मभूमि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी सहित देश के प्रमुख संत उपस्थित रहे।
- शिक्षा में सनातन: सीएम धामी ने उत्तराखंड के स्कूलों में गीता के श्लोकों के अनिवार्य पाठ जैसी पहलों का भी उल्लेख किया, जो युवाओं को संस्कारों से जोड़ने का प्रयास है।