देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार के ‘गुड गवर्नेंस’ मॉडल को केंद्र सरकार ने एक बार फिर सराहा है। शहरी विकास और आवास विभाग द्वारा लागू किए गए विभिन्न महत्वपूर्ण सुधारों के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को 264.5 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की है।
यह राशि केंद्र की ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता 2025-26’ (SASCI) योजना के तहत प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री धामी ने इस प्रोत्साहन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए इसे प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया है।
किन क्षेत्रों में मिली कितनी राशि?
केंद्र सरकार ने आवास विभाग के तहत लागू किए गए नीतिगत सुधारों को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है:
  • टाउन प्लानिंग व लैंड पूलिंग: आवास विभाग द्वारा लागू किए गए ‘टाउन प्लानिंग स्कीम’ और ‘लैंड पूलिंग स्कीम’ के नियमों के लिए ₹100 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।
  • पुराने शहरों का पुनरुद्धार: पुराने शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और पुनरुद्धार कार्यक्रम के लिए सर्वाधिक ₹140 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
  • नगर निकायों की आय वृद्धि: स्थानीय निकायों (ULBs) के स्तर पर आय के स्रोत बढ़ाने के प्रयासों के लिए ₹10 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिली है।
  • जीआईएस आधारित मैपिंग: सीवर, पेयजल और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं की GIS आधारित यूटिलिटी मैपिंग के लिए ₹3 करोड़ दिए गए हैं।
  • सरकारी संपत्ति प्रबंधन: सरकारी भूमि और भवनों के पारदर्शी प्रबंधन व मैपिंग के लिए ₹6.5 करोड़ की राशि स्वीकृत हुई है।
  • ग्रीन बिल्डिंग मानक: बिल्डिंग बायलॉज में पर्यावरण अनुकूल ग्रीन बिल्डिंग मानकों को लागू करने के लिए ₹5 करोड़ प्रदान किए गए हैं।
सीएम धामी का विजन और गुड गवर्नेंस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के सभी दिशा-निर्देशों को पूरी निष्ठा के साथ लागू कर रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह पहली बार नहीं है जब उत्तराखंड के सुधारों को सराहा गया है; इससे पहले खनन क्षेत्र में किए गए पारदर्शी सुधारों के लिए भी केंद्र से ₹200 करोड़ की प्रोत्साहन राशि मिल चुकी है।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि विभाग मुख्यमंत्री के निर्देशों पर उत्तराखंड के नागरिकों को किफायती आवास उपलब्ध कराने और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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