तेहरान/तेल अवीव: 1 मार्च, 2026
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। रविवार, 1 मार्च 2026 की सुबह ईरानी सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ईरान के सर्वोच्च नेता
की इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में मौत हो गई है। इस बड़ी घटना के बाद ईरान में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है।
मुख्य घटनाक्रम:
- खामेनेई की मौत: अमेरिकी राष्ट्रपति
ने सबसे पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर खामेनेई की मौत का दावा किया था, जिसे बाद में ईरानी स्टेट मीडिया (IRIB) ने भी “शहादत” बताते हुए कन्फर्म कर दिया। रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान स्थित उनके कंपाउंड पर हुई एयरस्ट्राइक में खामेनेई के साथ उनकी बेटी, दामाद और पोते की भी मौत हो गई है।
- ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: अमेरिका ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) नाम दिया है। इजरायली रक्षा मंत्री ने इसे एक “निवारक हमला” (Preemptive Strike) बताया है जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु केंद्रों और मिसाइल ठिकानों को नष्ट करना था।
- भारी नुकसान: हमलों में ईरान के रक्षा मंत्री आमिर नासिरजादेह और IRGC के कई वरिष्ठ कमांडरों के भी मारे जाने की खबर है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के 24 प्रांतों में अब तक 201 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 700 से अधिक घायल हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और प्रभाव:
- ईरान का पलटवार: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के हाइफा बंदरगाह और रमत डेविड एयरबेस पर जवाबी मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान ने कतर और यूएई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
- वैश्विक चिंता: भारत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। तनाव के कारण खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं, जिससे भारत की 444 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
- रूस और चीन: रूस ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जबकि चीन ने तुरंत युद्धविराम की मांग की है।