देहरादून: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देहरादून के लोक भवन में महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग द्वारा एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश की उन महिलाओं को सम्मानित किया जिन्होंने समाज और अपने कार्यक्षेत्र में मिसाल पेश की है।
सम्मान की मुख्य श्रेणियां
राज्यपाल ने कार्यक्रम के दौरान दो प्रमुख श्रेणियों में पुरस्कार वितरित किए:
- महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान: विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 13 महिलाओं (अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों) को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया।
- मेरी पहचान-2026 सम्मान: विशिष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाली 9 बालिकाओं को ‘मेरी पहचान-2026’ अवार्ड से नवाजा गया।
- अतिरिक्त सम्मान: इनके अलावा, महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत अच्छा कार्य करने वाले 25 किशोरों और विभागीय कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
राज्यपाल का संबोधन: “नारी शक्ति ही विकसित भारत का आधार”
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं अपनी मेहनत और संकल्प के बल पर राज्य की अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे को मजबूत कर रही हैं। उन्होंने कहा:
“अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं की असीमित क्षमताओं को पहचानने का अवसर है। हमारी बेटियां और महिलाएं 2047 के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।”
सरकार की उपलब्धियों पर चर्चा
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। उन्होंने विभागीय सफलता साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2016 से अब तक 198 बच्चों का सफल दत्तक ग्रहण (Adoption) कराया गया है, जिसमें 172 बच्चे भारत में और 26 बच्चे विदेशों में गोद दिए गए हैं।