इस्लामाबाद, 12 अप्रैल 2026:
पश्चिम एशिया (Middle East) में जारी भीषण युद्ध को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार से शुरू हुई उच्च स्तरीय बातचीत फिलहाल किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच शनिवार को करीब 15 घंटे तक मैराथन चर्चा चली, जो रविवार तड़के तक जारी रही।
मुख्य बिंदु और घटनाक्रम:
- ऐतिहासिक मुलाकात: 1979 की ईरानी क्रांति के बाद यह पहला मौका है जब दोनों देशों के इतने उच्च स्तरीय प्रतिनिधि आमने-सामने (Face-to-Face) बातचीत कर रहे हैं।
- प्रतिनिधिमंडल: अमेरिकी दल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जबकि ईरानी दल में संसद अध्यक्ष
मोहम्मद बाघर गालिबाफ
और विदेश मंत्री
अब्बास अरागचीशामिल हैं।
- विवाद के मुख्य मुद्दे:
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz): ईरान इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने और नियंत्रण की मांग कर रहा है, जिसे अमेरिका ने “अत्यधिक मांग” करार दिया है।
- परमाणु कार्यक्रम: डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित न करे। जेडी वेंस के अनुसार, ईरान ने परमाणु हथियारों को लेकर शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।
- लेबनान और सीजफायर: ईरान की शर्त है कि किसी भी समझौते से पहले लेबनान में हिजबुल्ला पर इजरायली हमले रुकने चाहिए।
- पाकिस्तान की भूमिका: प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर इस वार्ता में मध्यस्थ के रूप में सक्रिय हैं। पाकिस्तान ने इस वार्ता के लिए इस्लामाबाद के “रेड जोन” को छावनी में तब्दील कर दिया है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है।
वर्तमान स्थिति:
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस्लामाबाद छोड़ने से पहले बयान दिया कि अमेरिका ने अपना “अंतिम और सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव” दे दिया है, लेकिन ईरान की ओर से अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया गया है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार वार्ता का दूसरा दौर रविवार को फिर से शुरू हो सकता है क्योंकि दोनों पक्ष युद्धविराम को स्थायी शांति में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
दुनिया भर की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं क्योंकि इसकी सफलता या विफलता वैश्विक अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर सीधा असर डालेगी।