देहरादून (26 अप्रैल 2026): उत्तराखंड के मुख्यमंत्री
ने प्रदेश में सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए फर्जी राशन कार्डों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अपात्र व्यक्तियों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राशन कार्ड, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनवाना न केवल अपराध है, बल्कि यह पात्र गरीबों के अधिकारों का हनन भी है।
सत्यापन अभियान को मिली हरी झंडी
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद, प्रदेश में एक बार फिर से व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया जा रहा है। इससे पहले चलाए गए अभियान में लगभग 70,000 राशन कार्ड यूनिट्स फर्जी पाई गई थीं, जिसे विभागीय व्यस्तताओं के कारण बीच में रोक दिया गया था। अब प्रमुख सचिव एल. फैनई ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर इस अभियान को प्राथमिकता के साथ चलाने और विशेष स्क्वायड बनाकर दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के बाद, प्रदेश में एक बार फिर से व्यापक सत्यापन अभियान शुरू किया जा रहा है। इससे पहले चलाए गए अभियान में लगभग 70,000 राशन कार्ड यूनिट्स फर्जी पाई गई थीं, जिसे विभागीय व्यस्तताओं के कारण बीच में रोक दिया गया था। अब प्रमुख सचिव एल. फैनई ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर इस अभियान को प्राथमिकता के साथ चलाने और विशेष स्क्वायड बनाकर दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
धोखाधड़ी का नेटवर्क और सीएम की चेतावनी
जांच में यह सामने आया है कि कई लोग, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक है, उन्होंने गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के राशन कार्ड बनवा रखे हैं।
जांच में यह सामने आया है कि कई लोग, जिनकी वार्षिक आय 5 लाख रुपये से अधिक है, उन्होंने गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के राशन कार्ड बनवा रखे हैं।
- दुरुपयोग: इन फर्जी राशन कार्डों का इस्तेमाल न केवल सस्ता राशन लेने, बल्कि अवैध रूप से आयुष्मान कार्ड बनवाने और रियायती स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है।
- कड़ी कार्रवाई: सीएम धामी ने कहा है कि अवैध दस्तावेज बनाने और इसमें मदद करने वाले सरकारी कर्मचारियों या बिचौलियों के खिलाफ सीधी एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी। उन्होंने इसे राज्य की शांति और डेमोग्राफी की सुरक्षा से भी जोड़ा है।
अब तक की बड़ी कार्रवाइयां
प्रशासनिक सक्रियता के चलते विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में अपात्र कार्ड निरस्त किए गए हैं:
प्रशासनिक सक्रियता के चलते विभिन्न जिलों में बड़ी संख्या में अपात्र कार्ड निरस्त किए गए हैं:
- बागेश्वर: 5,307 फर्जी राशन कार्ड निरस्त।
- देहरादून: 3,332 कार्ड निरस्त (जांच में 10,000 से अधिक की पहचान हुई है)।
- पौड़ी: 961 अपात्र कार्डधारकों के कार्ड काटे गए।
सरकार का अगला कदम
सरकार अब राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड और गैस कनेक्शन के डेटा को आपस में लिंक कर गहन जांच करने जा रही है। साथ ही, अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली गैस सब्सिडी को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की जा रही है ताकि योजना का सही लाभ सुनिश्चित हो सके।
सरकार अब राशन कार्ड, आधार, आयुष्मान कार्ड और गैस कनेक्शन के डेटा को आपस में लिंक कर गहन जांच करने जा रही है। साथ ही, अंत्योदय परिवारों को मिलने वाली गैस सब्सिडी को डीबीटी (DBT) के माध्यम से सीधे बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था की जा रही है ताकि योजना का सही लाभ सुनिश्चित हो सके।