उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित राजाजी टाइगर रिजर्व (RTR) के अति-संवेदनशील कोर जोन में राज्य के कैबिनेट मंत्री

खजान दास

के बेटे, अनुज की शादी के आयोजन को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रविवार, 26 अप्रैल 2026 को होने वाले इस विवाह समारोह के लिए पार्क के भीतर की गई भव्य तैयारियों पर वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

मामला क्या है?

हरिद्वार रेंज के रानीपुर वन ब्लॉक में स्थित

, जो टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र (Core Zone) में आता है, वहां मंत्री के बेटे की शादी के लिए बड़े पैमाने पर पंडाल, टेंट, स्टेज, कूलर, और बिजली के जेनरेटर लगाए गए थे। शनिवार को कई ट्रकों के जरिए आयोजन का सामान मंदिर परिसर तक पहुंचाया गया। सोशल मीडिया पर इन तैयारियों के वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने वन्यजीव कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया।

वन विभाग का एक्शन
विवाद बढ़ता देख राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन और वन विभाग तुरंत हरकत में आया। पार्क प्रशासन के अनुसार:
  • दबिश और हटाव: शनिवार रात और रविवार सुबह विभाग की टीमों ने मंदिर परिसर में धावा बोलकर लगाए गए पंडाल और कैटरिंग के सामान को जबरन हटवा दिया।
  • मुकदमा दर्ज: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सुरेश्वरी देवी मंदिर समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि रिजर्व के कोर क्षेत्र में इतने बड़े आयोजन की कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
  • सीमित आयोजन: विभाग के हस्तक्षेप के बाद शादी के भव्य समारोह को रोक दिया गया और मंत्री को केवल पारंपरिक रस्में व फेरे सादगी से संपन्न करने की अनुमति दी गई।
मंत्री खजान दास का पक्ष
विवाद पर सफाई देते हुए कैबिनेट मंत्री खजान दास ने इसे अपने खिलाफ “राजनीतिक साजिश” बताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:
  1. आस्था का मामला: उनके बेटे का स्वास्थ्य मंदिर के आशीर्वाद से ठीक हुआ था, इसलिए उनकी इच्छा मंदिर परिसर में ही विवाह करने की थी।
  2. अनुमति का दावा: मंत्री ने दावा किया कि उन्होंने कुछ दिन पहले पार्क के अधिकारियों के साथ मंदिर का दौरा किया था और वन निदेशक ने मौखिक रूप से हामी भरी थी।
  3. सादगी की दलील: उन्होंने कहा कि कोई शोर-शराबा या लाउड म्यूजिक का प्लान नहीं था, केवल ‘भंडारा’ और सादा विवाह होना था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर अधिकारी पहले मना कर देते, तो वे आयोजन कहीं और कर लेते।
महत्वपूर्ण तथ्य
  • स्थान: सुरेश्वरी देवी मंदिर, राजाजी टाइगर रिजर्व (हरिद्वार रेंज)।
  • संवेदनशीलता: यह क्षेत्र हाथियों और बाघों की आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है।
  • प्रतिबंध: टाइगर रिजर्व के कोर जोन में किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि या भारी भीड़ वाले आयोजन पूरी तरह वर्जित हैं।
इस घटना के बाद अब पार्क प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि भारी वाहनों को रिजर्व के गेट के भीतर प्रवेश करने की अनुमति किस स्तर पर दी गई थी।

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