देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के समक्ष बदरीनाथ मास्टर प्लान के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट पेश की गई है। इस मास्टर प्लान के माध्यम से बदरीनाथ धाम को एक ‘स्पिरिचुअल स्मार्ट हिल टाउन’ के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ पौराणिक काल, विशेषकर महाभारत और रामायण काल की स्मृतियों को संजोया जाएगा।
महाभारत और रामायण काल की दिखेगी झलक
मास्टर प्लान की सबसे खास बात यह है कि इसमें भारतीय दर्शन और पौराणिक कथाओं को प्रमुखता दी गई है। सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में भगवान राम और कृष्ण से जुड़े प्रतीकों के साथ-साथ रामायण और महाभारत काल की झलकियों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत:
- पौराणिक संरचनाएं: भगवान विष्णु से जुड़े प्रतीक जैसे पाञ्चजन्य शंख, कौमोदकी गदा, सुदर्शन चक्र और वैकुंठ द्वार की भव्य कलाकृतियाँ बनाई जाएंगी।
- पंच तत्व और शेषनेत्र: शेषनेत्र कलाकृति और ‘पंच तत्व’ थीम पर आधारित संरचनाएं आध्यात्मिक ऊर्जा और भारतीय दर्शन का जीवंत प्रदर्शन करेंगी।
- भित्ति चित्र: बदरीनाथ धाम के ISBT वॉल पर स्थानीय कला और धार्मिक विषयों पर आधारित सुंदर चित्र (Murals) उकेरे जाएंगे।
मास्टर प्लान की अन्य मुख्य विशेषताएं
- देव दर्शनी पॉइंट: श्रद्धालुओं के लिए ‘देव दर्शनी पॉइंट‘ विकसित किया जा रहा है, जहाँ से वे पहली बार बदरीनाथ धाम के भव्य और दिव्य दर्शन कर सकेंगे。
- दिया आरती स्थल: अलकनंदा के तट पर एक समर्पित ‘दिया आरती’ स्थल तैयार किया जा रहा है, जिससे शाम की आरती का अनुभव श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन सके।
- वसुधा वाटिका: प्रकृति और उत्तराखंड की पारंपरिक कला के संगम के रूप में ‘वसुधा वाटिका‘ का निर्माण होगा, जो आध्यात्मिक वातावरण को और सुखद बनाएगा।
- स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर: पूरे टाउन में इको-फ्रेंडली पैदल मार्ग, आधुनिक लाइटिंग, बैठने के लिए उचित स्थान और डिजिटल साइनेज लगाए जाएंगे।
- सीमलैस कॉरिडोर: मुख्य मार्ग से मंदिर तक सीधा पहुँचने के लिए एक सुगम कॉरिडोर और रिवरफ्रंट का विकास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश
समीक्षा के दौरान सीएम धामी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मास्टर प्लान के कार्यों में स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल बदरीनाथ की दिव्यता को बढ़ाएगी, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन को एक नई दिशा भी देगी।
यह पूरा पुनर्निर्माण कार्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आने वाले दशकों की जरूरतों को पूरा करना है।