रुड़की: उत्तराखंड के रुड़की स्थित सहायक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (ARTO) के बाहर चल रही अवैध गतिविधियों पर परिवहन विभाग और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा के कड़े निर्देशों के बाद एआरटीओ कार्यालय के बाहर संचालित हो रहे संदिग्ध सीएससी (CSC) सेंटरों और कार डीलर कार्यालयों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर कई दुकानों को सील कर दिया गया है। 
छापेमारी और सीलिंग की कार्रवाई
परिवहन विभाग में पारदर्शिता लाने और बिचौलियों के हस्तक्षेप को खत्म करने के उद्देश्य से यह विशेष अभियान चलाया गया। छापेमारी के दौरान मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे: 
  • दस्तावेज और उपकरण जब्त: एक प्रमुख सीएससी सेंटर पर छापेमारी के दौरान टीम ने बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रखे गए परिवहन संबंधी दस्तावेज, लैपटॉप और प्रिंटर बरामद किए। अधिकारियों ने इन सभी उपकरणों को कब्जे में लेकर दुकान को तुरंत सील कर दिया।
  • कार डीलर ऑफिस पर ताला: एआरटीओ कार्यालय के समीप ही संचालित हो रहे एक पुराने कार डीलर (सेकेंड हैंड कार डीलर) के कार्यालय की भी जांच की गई। नियमों के उल्लंघन और आवश्यक सरकारी शुल्क जमा न करने के कारण इस प्रतिष्ठान को भी तत्काल बंद करा दिया गया।
  • दलालों में हड़कंप: छापेमारी की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों में भगदड़ मच गई। कई दलाल और अवैध रूप से काम करने वाले एजेंट अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। 
बिचौलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आरटीओ से जुड़े किसी भी कार्य के लिए आम जनता को अब दलालों के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं है। सरकार का लक्ष्य सभी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना है।
  1. सतत अभियान: प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यह छापेमारी केवल एक बार की कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।
  2. दंडात्मक कार्रवाई: पकड़े गए केंद्रों के मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। अवैध रूप से सरकारी फॉर्म और मुहरों का उपयोग करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।
  3. पारदर्शिता पर जोर: विभाग ने जनता से अपील की है कि वे सीधे कार्यालय या आधिकारिक सरकारी पोर्टल के माध्यम से अपने कार्य कराएं।
इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस बल और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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