देहरादून: उत्तराखंड सरकार 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर 130 पदक जीतने वाले राज्य के खिलाड़ियों को ‘आउट ऑफ टर्न’ सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। इस योजना के तहत विशेष रूप से स्वर्ण पदक विजेताओं को शिक्षा विभाग में नियुक्ति देने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव की तैयारी की जा रही है, जिसमें सहायक अध्यापक (व्यायाम) के पदों को ‘डाउनग्रेड’ करने का प्रस्ताव है।
पदों को डाउनग्रेड करने की आवश्यकता क्यों?
शिक्षा विभाग में वर्तमान में सहायक अध्यापक (व्यायाम) के पद 4600 ग्रेड पे के हैं। हालांकि, खेल नीति के नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय खेलों के स्वर्ण पदक विजेताओं को 4200 ग्रेड पे वाले पदों पर नियुक्ति दी जानी है।
- तकनीकी अड़चन: 4600 ग्रेड पे वाले मौजूदा पदों पर 4200 ग्रेड पे की पात्रता रखने वाले खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति में तकनीकी बाधा आ रही थी।
- समाधान: शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने खेल विभाग के प्रस्ताव पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा निदेशालय से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रस्ताव के अनुसार, इन रिक्त पदों को अस्थायी रूप से 4200 ग्रेड पे पर ‘डाउनग्रेड’ किया जाएगा ताकि स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को तुरंत नियुक्ति दी जा सके।
243 खिलाड़ियों को मिलेगी ‘आउट ऑफ टर्न’ नियुक्ति
राज्य की नई खेल नीति के तहत कुल 243 खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में सीधे सरकारी नौकरी (आउट ऑफ टर्न) दी जानी है।
- स्वर्ण पदक विजेता: इनके लिए शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक (व्यायाम) के 50 पद चिह्नित किए गए हैं।
- रजत और कांस्य विजेता: इनके लिए गृह, वन और परिवहन जैसे विभागों में 2000 और 2800 ग्रेड पे के पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
- पात्रता: यह लाभ केवल उन खिलाड़ियों को मिलेगा जो उत्तराखंड के मूल या स्थायी निवासी हैं।
शासन स्तर पर कार्रवाई तेज
कार्मिक विभाग ने खिलाड़ियों को अलग-अलग विभागों में नियुक्ति देने पर अपनी सहमति दे दी है। अब वित्त विभाग से हरी झंडी मिलने का इंतजार है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही घोषणा की थी कि प्रदेश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है।
इस कदम से न केवल वर्तमान पदक विजेताओं को लाभ होगा, बल्कि आगामी खेलों के लिए युवाओं में उत्साह भी बढ़ेगा।