खटीमा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को ऊधमसिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र स्थित गोसीकुआं भुड़ाई आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, माताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और आशा कार्यकर्ताओं से संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य एवं पोषण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि स्वस्थ बचपन ही मजबूत भविष्य की आधारशिला है। प्रारंभिक बाल्यावस्था जीवन का बेहद महत्वपूर्ण चरण होता है। इस दौरान बच्चों को पौष्टिक आहार, उचित देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा और अच्छे संस्कार मिलें तो उनके स्वस्थ और सशक्त भविष्य की मजबूत नींव तैयार की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि परिवार और समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल बच्चों को पोषण उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं। ये केंद्र बच्चों के स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा, संस्कार और सर्वांगीण विकास की नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे बच्चों की देखभाल के साथ-साथ सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं।

धामी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को स्वस्थ, सुरक्षित और संस्कारयुक्त वातावरण मिले। सरकार, परिवार और समाज मिलकर बच्चों के पोषण और विकास पर ध्यान दें तो उत्तराखंड को और मजबूत बनाया जा सकता है।

गर्भवती महिलाओं को पोषण किट वितरित

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गर्भवती महिलाओं के लिए आयोजित गोदभराई कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और उन्हें आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार की किट वितरित की गईं। इसके अलावा 10 लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई। Jagran

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण का सीधा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसलिए गर्भावस्था से लेकर बच्चे के शुरुआती विकास तक सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है।

पांच बच्चों का कराया अन्नप्राशन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने पांच नन्हे बच्चों का अपने हाथों से अन्नप्राशन संस्कार कराया। उन्होंने बच्चों को दुलार किया और उनसे बातचीत भी की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर समय बिताया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के स्वस्थ विकास के लिए पौष्टिक भोजन और उचित देखभाल को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि जीवन के शुरुआती वर्षों में मिलने वाला पोषण और वातावरण बच्चे के भविष्य पर लंबे समय तक प्रभाव डालता है।

आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं का सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नौ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और दो आशा कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यकर्ताओं की भूमिका गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में बेहद महत्वपूर्ण है। वे स्वास्थ्य, पोषण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी को लोगों तक पहुंचाने में अहम कड़ी का काम करती हैं।

धामी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सेवाएं समाज के लिए अनुकरणीय हैं। उन्होंने अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके बच्चे भी नगला तराई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़े हैं।

सरकार की योजनाओं का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य तथा पोषण के लिए राज्य में महालक्ष्मी किट योजना, पोषण योजनाओं और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती और धात्री महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। जरूरत पड़ने पर गर्भवती महिलाओं के लिए हेली एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने की भी बात मुख्यमंत्री ने कही। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

‘आंगन मिलन’ को बताया संवाद का माध्यम

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम का उद्देश्य सेवा, स्नेह और संवाद को हर व्यक्ति और हर घर तक पहुंचाना है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से सरकार की योजनाओं और सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब माताएं स्वस्थ और सशक्त होंगी तथा बच्चों को बेहतर पोषण और शिक्षा मिलेगी, तभी राज्य के विकास की मजबूत नींव तैयार होगी। उन्होंने स्वस्थ बचपन और सशक्त मातृशक्ति को मजबूत उत्तराखंड के निर्माण का महत्वपूर्ण आधार बताया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समृद्धि और हरियाली के प्रतीक के रूप में पौधरोपण भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

 

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