देहरादून, 7 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड में मंगलवार देर रात अचानक धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई। 6 अक्टूबर की रात करीब 10 बजकर 23 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। शुरुआती जानकारी में इसकी तीव्रता 4.4 बताई गई थी, लेकिन राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के बाद के आधिकारिक आंकड़ों में भूकंप की तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। इसका केंद्र चमोली जिले में था और भूकंप की गहराई करीब 13 किलोमीटर रही।
चमोली रहा भूकंप का केंद्र
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप रात 10:23:13 बजे आया। NCS ने इसका केंद्र 30.103° उत्तरी अक्षांश और 79.561° पूर्वी देशांतर पर दर्ज किया। भूकंप का क्षेत्र चमोली, उत्तराखंड बताया गया है और यह जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण की ओर था। इसकी गहराई 13 किलोमीटर दर्ज की गई।
भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई हिस्सों में महसूस किए गए। देहरादून सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में लोगों को धरती में कंपन महसूस हुआ। अचानक आए झटकों के कारण कई लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए। देर रात होने के कारण लोगों में कुछ समय तक डर का माहौल बना रहा।
शुरुआती रिपोर्ट में 4.4 तीव्रता
भूकंप के तुरंत बाद सामने आई शुरुआती सूचनाओं में इसकी तीव्रता 4.4 मैग्नीट्यूड बताई गई थी। कई मीडिया रिपोर्टों ने इसी प्रारंभिक आंकड़े के आधार पर खबर प्रकाशित की। बाद में राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आधिकारिक अपडेट में तीव्रता को 4.9 दर्ज किया गया। इसलिए भूकंप की तीव्रता को लेकर शुरुआती और अंतिम आंकड़ों में अंतर देखने को मिला।
दिल्ली-NCR और उत्तर भारत तक महसूस हुए झटके
उत्तराखंड में केंद्रित इस भूकंप के झटके सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहे। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के कई हिस्सों में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कई लोगों ने सोशल मीडिया पर भूकंप के अनुभव साझा किए।
रिपोर्टों के अनुसार, ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को कंपन अधिक महसूस हुआ। कुछ स्थानों पर लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। मेरठ में भी करीब 30 सेकंड तक झटके महसूस किए जाने की रिपोर्ट सामने आई।
फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं
भूकंप के बाद राहत की बात यह रही कि शुरुआती आधिकारिक जानकारी के अनुसार किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। उत्तराखंड के अधिकारियों ने भी फिलहाल किसी बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं की है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
रात में अचानक कांपी धरती, लोगों में दहशत
रात के समय अधिकांश लोग घरों में थे। अचानक कंपन महसूस होने पर कई परिवारों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत अपने परिजनों और परिचितों को फोन कर उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। कुछ इलाकों में लोग कुछ समय तक खुले स्थानों पर रहे।
भूकंप के झटकों के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा तेजी से फैल गई। उत्तराखंड के साथ-साथ दिल्ली-NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में भूकंप महसूस होने की जानकारी साझा की।
हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधि पर नजर
उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में समय-समय पर आने वाले भूकंपीय झटकों को लेकर प्रशासन और वैज्ञानिक एजेंसियां निगरानी करती रहती हैं। मंगलवार रात आए भूकंप के बाद भी संबंधित एजेंसियों ने स्थिति पर नजर रखी।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 6 अक्टूबर की रात चमोली में आया भूकंप NCS के आधिकारिक रिकॉर्ड में 4.9 तीव्रता का दर्ज हुआ है और अभी तक किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।