देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने सरकारी विभागों में होने वाले निर्माण कार्यों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाने के लिए PMS-eDPR Portal लागू करने का निर्णय लिया है। शासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सरकारी विभागों की निर्माण संबंधी परियोजनाओं में डीपीआर तैयार करने से लेकर स्वीकृति, टेंडर, अनुबंध, कार्य निष्पादन और भुगतान तक की प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा।
उत्तराखंड सरकार के निदेशालय कोषागार, पेंशन एवं हकदारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी शासनादेश के मुताबिक इस व्यवस्था को 28 सितंबर 2026 को जारी आदेश के माध्यम से लागू किया गया है। शासनादेश में कहा गया है कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में निर्माण कार्यों से संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए Digital Project Management और DPR तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से PMS-eDPR Portal विकसित किया गया है।
डीपीआर से भुगतान तक पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
नई व्यवस्था में परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण चरण एक ही डिजिटल सिस्टम के माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इसमें DPR, Tender, Agreement, Execution और Payment से संबंधित प्रक्रियाओं को एकीकृत किया गया है। इसके माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति और समानांतर गतिविधियों की ऑनलाइन निगरानी एवं अनुश्रवण भी किया जा सकेगा।
शासनादेश के अनुसार PMS-eDPR Portal को 2 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाना है। सभी संबंधित विभागों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं से संबंधित DPR की प्रविष्टि, अनुमोदन और आगे की कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन की जाए।
Real-time Monitoring पर जोर
नई डिजिटल व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य निर्माण परियोजनाओं की Real-time Monitoring करना है। शासनादेश में निर्देश दिए गए हैं कि परियोजनाओं और DPR के परीक्षण एवं अनुमोदन से संबंधित कार्य PMS-eDPR Portal के माध्यम से किए जाएं, ताकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और ट्रेसबल रहे।
स्वीकृत परियोजनाओं के Tender, Agreement, Execution और Payment से जुड़े कार्य भी निर्धारित डिजिटल वर्कफ्लो के अनुसार ऑनलाइन संचालित किए जाएंगे। इससे किसी परियोजना की स्थिति और उसके विभिन्न चरणों की जानकारी सिस्टम में उपलब्ध रहने की उम्मीद है
IFMS से होगा पोर्टल का एकीकरण
सरकार ने PMS-eDPR Portal को IFMS (Integrated Financial Management System) से जोड़ने के निर्देश भी दिए हैं। इसके लिए IFMS Team और PMS-eDPR Team को आपसी समन्वय से आवश्यक Integration सुनिश्चित करने को कहा गया है।
शासनादेश में भुगतान प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए IFMS में PMS-eDPR से संबंधित भुगतान के दोनों विकल्प उपलब्ध कराने की बात कही गई है, ताकि विभागीय आवश्यकता के अनुसार भुगतान संबंधी कार्रवाई की जा सके।
तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्था
सरकार ने PMS-eDPR, UK-Tender और IFMS के Integration से जुड़ी तकनीकी और प्रक्रियात्मक कठिनाइयों के समाधान के लिए भी व्यवस्था की है। इसके लिए एक सदस्य नामित किए जाने का निर्देश है, जो संबंधित विभागों और PMS-eDPR टीम के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेगा।
साथ ही पोर्टल के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त IT Infrastructure और ITDA द्वारा आवश्यक तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसका उद्देश्य यह है कि पोर्टल पर आने वाले संभावित तकनीकी भार के कारण परियोजनाओं की प्रक्रिया प्रभावित न हो।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
PMS-eDPR व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासनादेश के अनुसार प्रशिक्षण के लिए Planning Department की ओर से विभागवार Training Calendar जारी किया जाएगा।
इसके अलावा प्रत्येक विभाग में PMS-eDPR के प्रभावी संचालन के लिए नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल के उपयोग के साथ-साथ उसमें दर्ज किए जाने वाले डेटा की शुद्धता की जिम्मेदारी भी दी जाएगी।
ऑफलाइन प्रक्रिया पर लगेगी रोक
सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि PMS-eDPR Portal को निर्धारित समय-सीमा के भीतर लागू किया जाए। आदेश के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 के बाद किसी भी प्रकरण को Offline DPR के माध्यम से नहीं निपटाया जाएगा। यानी निर्माण परियोजनाओं से संबंधित निर्धारित प्रक्रियाओं को डिजिटल सिस्टम के माध्यम से ही आगे बढ़ाना होगा।
राज्य स्तरीय समिति करेगी समीक्षा
PMS-eDPR के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव/सचिव नियोजन की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति गठित किए जाने की व्यवस्था भी शासनादेश में की गई है। यह समिति पोर्टल के संचालन और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा करेगी।
सरकार का यह कदम उत्तराखंड में सरकारी निर्माण परियोजनाओं के प्रबंधन को डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एकीकृत ऑनलाइन प्रक्रिया से परियोजनाओं के DPR, निविदा, अनुबंध, निर्माण कार्य और भुगतान से संबंधित गतिविधियों की निगरानी अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी। साथ ही विभागों के बीच समन्वय और परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
स्रोत: उत्तराखंड सरकार, निदेशालय कोषागार, पेंशन एवं हकदारी द्वारा जारी सरकारी आदेश, दिनांक 28 सितंबर 2026। आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर इस आदेश को “Implementation of the PMS-e-DPR portal for the execution of all construction works of government departments” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है।
उत्तराखंड सरकार का आधिकारिक शासनादेश पोर्टल