देहरादून, 13 अक्टूबर 2026। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को लेकर कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अजीत डोभाल ने देश की सुरक्षा और सामरिक हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। देवभूमि उत्तराखंड अपने सपूतों के सम्मान से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।

अमर उजाला की 13 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक बयान देते समय नेताओं को अपनी भाषा और तथ्यों की गंभीरता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा है, लेकिन देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर चर्चा जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ होनी चाहिए।

उत्तराखंड कांग्रेस से मांगा जवाब

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी द्वारा अजीत डोभाल को लेकर बार-बार की जा रही टिप्पणियों के संदर्भ में उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं से भी अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या प्रदेश कांग्रेस के नेता अपने शीर्ष नेतृत्व से इस विषय पर सवाल पूछेंगे? क्या वे अजीत डोभाल के प्रति अपना सम्मान सार्वजनिक रूप से व्यक्त करेंगे?

सीएम धामी के इस बयान से उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को प्रदेश के गौरव और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान से जोड़ते हुए अपनी बात रखी।

अजीत डोभाल के योगदान का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने देश की सुरक्षा और सामरिक हितों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके लंबे अनुभव और राष्ट्रसेवा को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर सार्वजनिक संवाद में जिम्मेदारी बरतना आवश्यक है।

अजीत डोभाल उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र से संबंध रखते हैं। प्रदेश के अनेक लोगों के लिए उनका जीवन और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान गर्व का विषय है। उत्तराखंड को सैनिकों, पूर्व सैनिकों और राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित लोगों की भूमि के रूप में भी जाना जाता है।

राजनीतिक मतभेद अपनी जगह, राष्ट्रीय सुरक्षा पर जिम्मेदारी जरूरी

सीएम धामी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अलग-अलग राजनीतिक दलों के विचारों में मतभेद होना सामान्य बात है। विपक्ष को सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर तथ्यात्मक और जिम्मेदार चर्चा होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, सार्वजनिक जीवन में नेताओं की भाषा और व्यवहार का प्रभाव समाज पर पड़ता है। इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा, देश की संप्रभुता और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर बोलते समय राजनीतिक दलों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

राहुल गांधी की टिप्पणी से क्यों गरमाई सियासत?

यह विवाद इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी की ओर से देश की व्यवस्था और संस्थानों पर की गई टिप्पणियों के बाद सामने आया। कार्यक्रम में राहुल गांधी ने जिस व्यवस्था को राजनीतिक, प्रशासनिक, वैचारिक और कॉरपोरेट प्रभावों से जुड़ा बताया, उसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का भी उल्लेख किया था। इसके बाद भाजपा नेताओं ने उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताई।

मुख्यमंत्री धामी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उत्तराखंड अपने सपूतों के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस से इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करने की अपेक्षा जताई।

अब कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर नजर

सीएम धामी के बयान के बाद इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी। विवाद के केंद्र में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियां और उन पर मुख्यमंत्री की आपत्ति है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक संवाद की भाषा और मर्यादा को चर्चा में ला दिया है। जहां मुख्यमंत्री धामी ने डोभाल के योगदान और उत्तराखंड के गौरव का उल्लेख किया, वहीं इस विवाद के राजनीतिक पहलुओं पर आगे की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण रहेगी।

 

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