देहरादून/गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में 27 अक्टूबर 2026 से दो दिवसीय विधानसभा सत्र आयोजित होगा। सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के अनुसार, अब तक 31 विधायकों की ओर से कुल 426 प्रश्न विधानसभा सचिवालय को प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी स्पष्ट किया है कि वह सदन में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
लाइव हिन्दुस्तान और अमर उजाला की 14-15 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, विधानसभा सचिवालय सत्र के सुचारु संचालन के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। सदन की कार्यवाही 27 अक्टूबर को सुबह 11 बजे शुरू होने की जानकारी दी गई है।
31 विधायकों ने लगाए 426 प्रश्न
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने बताया कि सत्र के लिए पक्ष और विपक्ष के कुल 31 विधायकों की ओर से प्रश्न भेजे गए हैं। इन सवालों के माध्यम से विधायक प्रदेश की विभिन्न समस्याओं और जनहित से जुड़े मुद्दों को सदन में उठा सकते हैं।
विधानसभा सत्र जनप्रतिनिधियों के लिए सरकार से जवाब मांगने और जनता की समस्याओं को सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच होता है। ऐसे में 426 प्रश्नों का प्राप्त होना इस सत्र में विधायकों की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों की व्यापकता को दर्शाता है।
विपक्ष के सवालों का जवाब देने को तैयार मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि सरकार विधानसभा में विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है। सत्र के दौरान विपक्ष विभिन्न विभागों के कामकाज, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रदेश के विकास से संबंधित विषयों पर सरकार से जवाब मांग सकता है।
सदन में सवाल-जवाब के दौरान सरकार की नीतियों, निर्णयों और विकास कार्यों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर सरकार का पक्ष भी सामने आएगा।
सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर रह सकती है नजर
गैरसैंण में आयोजित होने वाले इस सत्र में पर्वतीय क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाओं और विकास से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास जैसे मुद्दे उत्तराखंड के लिए महत्वपूर्ण हैं।
हालांकि, इन विषयों पर चर्चा की वास्तविक दिशा विधायकों की ओर से प्रस्तुत प्रश्नों और सदन की कार्यवाही से स्पष्ट होगी।
गैरसैंण सत्र का राजनीतिक और विकासात्मक महत्व
गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र का आयोजन पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को राज्य की विधायी प्रक्रिया में प्रमुखता देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस सत्र में सरकार को अपनी योजनाओं और फैसलों पर पक्ष रखने का अवसर मिलेगा, जबकि विपक्ष को जनहित से जुड़े सवाल उठाने का मंच मिलेगा।
अब सभी की नजर 27 अक्टूबर से शुरू होने वाली सदन की कार्यवाही पर रहेगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दो दिनों के इस सत्र में 426 प्रश्नों में से किन मुद्दों पर चर्चा होती है और सरकार किन सवालों पर अपना जवाब प्रस्तुत करती है।