देहरादून: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने मामले में अब तक उठाए गए कदमों का हवाला देते हुए कहा है कि पीड़ित परिवार की मांगों को गंभीरता से लिया गया। सरकार के अनुसार, परिवार की मांग पर तीन बार सरकारी वकील बदले गए, अंकिता के पिता और भाई को सरकारी नौकरी दी गई तथा परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
मुख्यमंत्री धामी ने इस मामले को लेकर विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठते रहे सवालों के कारण यह प्रकरण अब भी सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में है। इस मामले में दोषियों को अदालत से उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, जबकि सीबीआई जांच को लेकर भी चर्चा जारी है।
परिवार की मांग पर तीन बार बदले गए सरकारी वकील
राज्य सरकार ने अंकिता भंडारी मामले में अपनी कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार की मांग और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तीन बार सरकारी अधिवक्ताओं में बदलाव किया गया। सरकार का कहना है कि परिवार की भावनाओं का सम्मान करते हुए मुकदमे की पैरवी से संबंधित मांगों पर कदम उठाए गए।
इस मामले में कानूनी पैरवी शुरू से ही महत्वपूर्ण विषय रही है। अंकिता के परिवार ने न्याय की मांग करते हुए जांच और मुकदमे की प्रक्रिया को लेकर अपनी चिंताएं भी सामने रखी थीं। सरकार ने इन मांगों के संदर्भ में वकीलों को बदलने और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कार्रवाई का उल्लेख किया है।
परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता
अंकिता भंडारी की हत्या के बाद उनके परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए राज्य सरकार ने 25 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई। सरकार के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे परिवार को आर्थिक संबल देना था।
इसके अलावा, अंकिता के पिता और भाई को सरकारी नौकरी भी प्रदान की गई। सरकार ने इन फैसलों को पीड़ित परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता से जोड़कर पेश किया है।
मुख्यमंत्री धामी ने विपक्ष पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर सरकार की कार्रवाई का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरुआत से ही मामले को गंभीरता से लिया और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर अंकिता के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। सरकार का पक्ष है कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी, विशेष जांच दल (SIT) का गठन, आरोपपत्र दाखिल करने और न्यायालय में अभियोजन की प्रक्रिया के जरिए कार्रवाई की गई।
हालांकि, इस प्रकरण में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठाए गए सवालों पर राजनीतिक बहस अब भी जारी है। ऐसे आरोपों और दावों की पुष्टि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही की जानी चाहिए।
24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुए थे आरोपी
अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे उत्तराखंड में आक्रोश फैल गया था।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच के लिए विशेष जांच दल यानी एसआईटी का गठन किया गया। जांच एजेंसी ने साक्ष्य जुटाए, गवाहों के बयान दर्ज किए और न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले के बाद भी मामले से जुड़े कुछ सवालों और कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सार्वजनिक चर्चा जारी रही।
सीबीआई जांच की मांग भी बनी अहम मुद्दा
अंकिता के माता-पिता ने मामले की सीबीआई जांच की मांग उठाई थी। राज्य सरकार ने बताया कि परिवार की मांग पर जांच की संस्तुति की गई और सीबीआई जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर विपक्ष और अन्य पक्षों की ओर से सवाल उठाए जाते रहे हैं। इस संदर्भ में जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष केवल आरोपों या राजनीतिक बयानों के आधार पर नहीं निकाला जा सकता।
अंकिता को न्याय दिलाने का मुद्दा फिर चर्चा में
अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, न्यायिक प्रक्रिया और पीड़ित परिवार की मांगों से जुड़ा एक संवेदनशील मामला है। सरकार ने आर्थिक सहायता, रोजगार, सरकारी वकीलों में बदलाव और जांच से जुड़े कदमों को अपनी कार्रवाई का हिस्सा बताया है।
वहीं, विपक्ष और अन्य आलोचकों की ओर से उठाए गए सवालों के कारण इस मामले पर राजनीतिक चर्चा जारी है। अब इस प्रकरण में आगे की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सामने आने वाली जानकारी पर लोगों की नजर रहेगी।