उत्तराखंड में हाल ही में हुई भीषण ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार प्रभावित किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाने के लिए केंद्र सरकार से भी मदद मांगेगी। प्रदेश में 9 और 10 अक्टूबर 2026 को हुई ओलावृष्टि से 17 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है। राज्य सरकार पहले ही किसानों को अतिरिक्त राहत देने की घोषणा कर चुकी है। अब केंद्र सरकार से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
17 हजार हेक्टेयर से अधिक फसलों को नुकसान
उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद हुई ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अचानक बदले मौसम और ओलों की मार से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। इसका असर किसानों की आमदनी और आगामी कृषि गतिविधियों पर पड़ने की आशंका है।
प्राप्त समाचार रिपोर्ट के अनुसार, ऊधम सिंह नगर और हरिद्वार जिलों में फसलों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। राज्य सरकार नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने के लिए कदम उठा रही है।
केंद्रीय कृषि मंत्री को भेजा जाएगा पत्र
प्रभावित किसानों को अधिक आर्थिक सहायता दिलाने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भेजने की तैयारी कर रही है। राज्य के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने भी केंद्र सरकार के समक्ष यह मुद्दा उठाया है।
17 अक्टूबर को रबी अभियान-2026 के तहत आयोजित समीक्षा बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री से अनुरोध किया कि ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत मानकों से अधिक क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को हुए वास्तविक नुकसान के अनुरूप राहत मिल सके और उन्हें आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिले। हालांकि, केंद्र की ओर से अतिरिक्त सहायता की अंतिम मंजूरी और राशि के संबंध में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
धामी सरकार पहले ही कर चुकी है अतिरिक्त राहत की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। राज्य सरकार की घोषित व्यवस्था के अनुसार, कृषि, औद्यानिकी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के लिए निर्धारित आपदा राहत मानकों के तहत मिलने वाली सहायता के बराबर अतिरिक्त आर्थिक मदद दी जाएगी।
सरकार के प्रमुख राहत संबंधी फैसले इस प्रकार हैं:
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अतिरिक्त आर्थिक सहायता: पात्र प्रभावित किसानों को निर्धारित आपदा राहत राशि के बराबर अतिरिक्त सहायता।
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तीन महीने के बिजली बिल स्थगित: अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के बिजली बिलों का भुगतान स्थगित रखने का निर्णय।
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किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण में राहत: ऋण की अदायगी तीन महीने तक स्थगित कराने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा।
फसल बीमा क्लेम जल्द जारी करने की भी मांग
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत पात्र प्रभावित किसानों के बीमा दावों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया है।
राज्य सरकार का जोर इस बात पर है कि किसानों को फसल नुकसान के बाद राहत और बीमा की राशि समय पर मिल सके। इससे उन्हें अगली फसल की तैयारी, कृषि कार्यों और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
किसानों को केंद्र से राहत मिलने की उम्मीद
ओलावृष्टि से हुए नुकसान ने प्रदेश के किसानों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता के साथ केंद्र से भी मदद मिलने पर प्रभावित किसानों को राहत मिल सकती है।
फिलहाल, केंद्र सरकार से अतिरिक्त क्षतिपूर्ति मिलने की प्रक्रिया और अंतिम सहायता राशि स्पष्ट नहीं है। ऐसे में प्रभावित किसानों की नजर राज्य सरकार के प्रस्ताव और केंद्र के अगले फैसले पर रहेगी।