देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आज, 8 मार्च 2026 को ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध झंडा मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया है। गुरु राम राय दरबार साहिब में श्री झंडे जी के आरोहण (ध्वजारोहण) के साथ ही इस आस्था के महापर्व की शुरुआत हुई, जिसमें शामिल होने के लिए पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित विदेशों से भी लाखों की संख्या में संगत पहुँची है।
शाम को होगा मुख्य ध्वजारोहण
श्री दरबार साहिब के सज्जादानशीन महंत देवेंद्र दास जी महाराज के सानिध्य में मेले की प्रक्रिया सुबह से ही शुरू हो गई। इस वर्ष लगभग 94 फीट ऊंचे नए ध्वजदंड (सााल के पेड़ का तना) पर पवित्र गिलाफ चढ़ाने के बाद शाम करीब 4:00 बजे झंडे जी का आरोहण किया जाएगा।
मेले की खास बातें और परंपराएं
- 350 साल पुरानी परंपरा: यह मेला सिख गुरु हर राय जी के ज्येष्ठ पुत्र श्री गुरु राम राय जी के जन्मदिवस और उनके देहरादून आगमन की स्मृति में पिछले साढ़े तीन सौ वर्षों से मनाया जा रहा है।
- गिलाफ चढ़ाने की रस्म: झंडे जी पर तीन तरह के गिलाफ चढ़ाए जाते हैं। सबसे अंदर सादे मलमल के 41 गिलाफ, उसके ऊपर 21 शनील के गिलाफ और सबसे ऊपर ‘दर्शनी गिलाफ’ चढ़ाया जाता है। इस वर्ष का दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य कई वर्षों के इंतजार के बाद एक श्रद्धालु परिवार को मिला है।
- नगर परिक्रमा: मुख्य मेले के बाद 10 मार्च को ऐतिहासिक ‘नगर परिक्रमा’ का आयोजन किया जाएगा, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरेगी।
प्रशासनिक चाक-चौबंद और ट्रैफिक डाइवर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने पूरे दरबार साहिब परिसर और आसपास के क्षेत्र को Zero Zone घोषित किया है। कांवली रोड, सहारनपुर चौक और लक्ष्मण चौक जैसे इलाकों में भारी वाहनों का प्रवेश वर्जित है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
यह मेला आगामी 27 मार्च 2026 तक चलेगा, जहाँ श्रद्धालुओं के लिए लंगर और अन्य सुविधाएं निरंतर उपलब्ध रहेंगी।