देहरादून शहर में दशकों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए प्रस्तावित रिस्पना-बिन्दाल एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट अब धरातल पर उतरने के करीब है। सरकार ने इस परियोजना के लिए ₹350 करोड़ की पहली किस्त को मंजूरी दे दी है, जिससे भूमि अधिग्रहण और प्रभावितों के पुनर्वास की प्रक्रिया में तेजी आएगी।
परियोजना की मुख्य बातें:
  • कुल लागत: इस पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत लगभग ₹6,200 करोड़ से अधिक है।
  • कुल लंबाई: यह एलिवेटेड रोड कुल 26 किलोमीटर लंबी होगी, जो दो हिस्सों में बंटी है:
    • बिन्दाल कॉरिडोर: कार्गी चौक (हरिद्वार बाईपास) से मैक्स अस्पताल (राजपुर रोड) तक लगभग 14.8 किमी
    • रिस्पना कॉरिडोर: रिस्पना पुल से नागल पुल तक लगभग 11 किमी
  • तकनीक: इसे सिंगल पिलर तकनीक पर नदी के बीचों-बीच बनाया जाएगा, ताकि नदी के प्राकृतिक बहाव में कम से कम बाधा आए।
  • डिजाइन स्पीड: वाहनों के लिए 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तय की गई है।

2600 परिवारों पर प्रभाव और पुनर्वास:
परियोजना की जद में रिस्पना और बिन्दाल नदियों के किनारे बसी बस्तियों के लगभग 2,619 घर (कच्चे और पक्के दोनों) आ रहे हैं।
  • विस्थापन: इन परिवारों को प्रोजेक्ट साइट से शिफ्ट किया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावितों को उचित मुआवजा और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाएगी।
  • सर्वे: सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित इलाकों जैसे अजबपुर कलां, धर्मपुर, डालनवाला और जाखन आदि में भूमि के सत्यापन का काम शुरू हो गया है।
जाम से मिलेगी बड़ी राहत:
अधिकारियों का मानना है कि इस एलिवेटेड रोड के बनने से शहर के प्रमुख चौराहों (जैसे लालपुल, चकराता रोड और सहस्रधारा चौक) पर ट्रैफिक का दबाव 70% तक कम हो जाएगा। यह रोड 2051 तक के ट्रैफिक दबाव को सहने के लिए डिजाइन की गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *