तेहरान/वॉशिंगटन, 19 मार्च 2026:
दुनिया के सबसे बड़े प्राकृतिक गैस क्षेत्र, साउथ पार्, जो ईरान और कतर के बीच साझा है, के ईरानी हिस्से पर बुधवार रात जोरदार हवाई हमला हुआ। इस हमले के बाद ईरान ने कतर और सऊदी अरब के ऊर्जा ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में हड़कंप मच गया है।
घटना के मुख्य बिंदु:
- हमलावर: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर जानकारी दी कि यह हमला इजरायल डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने “गुस्से में” किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका या कतर को इस हमले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी।
- नुकसान: हमले में
साउथ पार्स
गैस क्षेत्र का लगभग 12% उत्पादन हिस्सा प्रभावित हुआ है। रिफाइनरियों में आग लगने के कारण उत्पादन ठप हो गया है।
- ईरान की जवाबी कार्रवाई: हमले से बौखलाए ईरान ने कतर के रास लफ्फान (Ras Laffan) गैस हब और सऊदी अरब की रिफाइनरियों पर मिसाइलें दागीं, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है।
- अमेरिका की ‘विनाशकारी’ चेतावनी: ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने कतर के गैस ठिकानों पर फिर से हमला किया, तो अमेरिका पूरे
साउथ पार्स
गैस क्षेत्र को पूरी तरह से तबाह (Massively blow up) कर देगा।
वैश्विक प्रभाव:
- तेल की कीमतों में उछाल: इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतें 5% बढ़कर 108-110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।
- ऊर्जा संकट: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ते तनाव के कारण दुनिया की 20% तेल और गैस सप्लाई पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।