गौलापार स्टेडियम में सदर्न सुपर स्टार्स और इंडिया कैप्टन्स के बीच मैच खत्म होने के बाद सुरक्षा में तैनात बाउंसरों ने अपना आपा खो दिया। 1.4.2 पिछले तीन दिनों से बकाया वेतन का भुगतान न होने से नाराज बाउंसरों ने स्टेडियम के मुख्य द्वारों पर ताले जड़ दिए।
खिलाड़ी और स्टाफ फंसे:
स्टेडियम के गेट बंद होने के कारण हाशिम अमला, दिलशान मुनावीरा और अन्य दिग्गज क्रिकेटर करीब आधे घंटे तक स्टेडियम के भीतर खड़ी बसों में फंसे रहे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि खिलाड़ियों और स्टाफ के साथ-साथ स्टेडियम प्रशासन भी असहाय नजर आया।
स्टेडियम के गेट बंद होने के कारण हाशिम अमला, दिलशान मुनावीरा और अन्य दिग्गज क्रिकेटर करीब आधे घंटे तक स्टेडियम के भीतर खड़ी बसों में फंसे रहे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई थी कि खिलाड़ियों और स्टाफ के साथ-साथ स्टेडियम प्रशासन भी असहाय नजर आया।
समझौता और समाधान:
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और आयोजक सक्रिय हुए। काफी मान-मनौव्वल और आयोजकों द्वारा अगले दो घंटों के भीतर भुगतान करने के आश्वासन के बाद ही बाउंसरों ने स्टेडियम के गेट खोले। 1
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और आयोजक सक्रिय हुए। काफी मान-मनौव्वल और आयोजकों द्वारा अगले दो घंटों के भीतर भुगतान करने के आश्वासन के बाद ही बाउंसरों ने स्टेडियम के गेट खोले। 1
खेल विभाग की प्रतिक्रिया:
स्थानीय खेल विभाग ने इस पूरी घटना से पल्ला झाड़ते हुए इसे आयोजकों की विफलता बताया है। विभाग का कहना है कि उन्होंने केवल मैदान किराए पर दिया था, जबकि सुरक्षा और स्टाफ के भुगतान की पूरी जिम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट और आयोजकों की थी।
स्थानीय खेल विभाग ने इस पूरी घटना से पल्ला झाड़ते हुए इसे आयोजकों की विफलता बताया है। विभाग का कहना है कि उन्होंने केवल मैदान किराए पर दिया था, जबकि सुरक्षा और स्टाफ के भुगतान की पूरी जिम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट और आयोजकों की थी।