हल्द्वानी, उत्तराखंड:
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार, 21 मार्च 2026 को हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। यह कार्यक्रम धामी सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। अपने संबोधन में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक पटल पर भारत के बढ़ते कद और उत्तराखंड के विकास की जमकर सराहना की।
भाषण के मुख्य अंश:
- वैश्विक मंच पर भारत की धमक: राजनाथ सिंह ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का रुतबा बदल चुका है। पहले भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता था, लेकिन अब “जब भारत बोलता है, तो दुनिया उसे ध्यान से सुनती है”। उन्होंने वैश्विक संकटों और मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्धों पर चिंता जताते हुए कहा कि पीएम मोदी की सूझबूझ के कारण ही भारत इन चुनौतियों के बीच सुरक्षित और स्थिर बना हुआ है।
- “धुरंधर धामी” और विकास कार्य: रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की तारीफ करते हुए उन्हें “साधारण नहीं बल्कि धुरंधर” बताया। उन्होंने धामी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया, जिनमें शामिल हैं:
- समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने सफलतापूर्वक UCC लागू किया।
- अवैध कब्जों पर कार्रवाई: राज्य में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के अभियान की उन्होंने विशेष सराहना की।
- जमरानी बांध परियोजना: उन्होंने 50 वर्षों से लंबित 3700 करोड़ रुपये की जमरानी बांध परियोजना को केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे हल्द्वानी और ऊधम सिंह नगर को सीधा लाभ मिलेगा।
- मानसखंड कॉरिडोर: कुमाऊं क्षेत्र के विकास के लिए शुरू किए गए मानसखंड कॉरिडोर को उन्होंने उत्तराखंड की संस्कृति और पर्यटन के लिए एक मील का पत्थर बताया।
- उत्तराखंड के लोगों की सराहना: राजनाथ सिंह ने उत्तराखंड को “वीर भूमि” बताते हुए कहा कि यहां के लोग स्वभाव से सौम्य होते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर पहाड़ों जैसी अटलता और मजबूती दिखाते हैं। उन्होंने पूर्व सैनिकों के सम्मान में बनाए जा रहे ‘सैन्य धाम’ और ‘चार धाम ऑल वेदर रोड’ का भी जिक्र किया।
- सैनिकों और सीमाओं की सुरक्षा: उन्होंने स्पष्ट किया कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सीमांत गांवों को अब “अंतिम गांव” नहीं बल्कि “पहला गांव” माना जाता है, जिससे वहां विकास की गति तेज हुई है।
निष्कर्ष
रक्षा मंत्री ने आगामी विधानसभा चुनावों के संकेत देते हुए कहा कि धामी सरकार ने चार वर्षों में विकास का जो “चौका” मारा है, वह अगले छह वर्षों में “छक्का” भी मारेंगे। इस सभा में लगभग 15,000 से अधिक लोग उपस्थित थे।