देहरादून, 04 अप्रैल 2026
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचे को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद, अब भाजपा के 14 वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न बोर्डों, निगमों और परिषदों में ‘दायित्वधारी’ (उपाध्यक्ष और अध्यक्ष) के रूप में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी सरकार के प्रशासनिक और राजनीतिक ढांचे को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार के बाद, अब भाजपा के 14 वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को विभिन्न बोर्डों, निगमों और परिषदों में ‘दायित्वधारी’ (उपाध्यक्ष और अध्यक्ष) के रूप में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रमुख नियुक्तियां और नेता
इस सूची में कुमाऊं और गढ़वाल दोनों क्षेत्रों के अनुभवी नेताओं को जगह दी गई है। आधिकारिक सूत्रों और रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- ध्रुव रौतेला: नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार और नेता, जिन्हें महत्वपूर्ण बोर्ड में जिम्मेदारी दी गई है।
- सीमा चौहान: महिला संगठन से जुड़ी सक्रिय नेता।
- विनोद सुयाल: पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार।
- सोना सजवाण: संगठन में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ता।
नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य
मुख्यमंत्री धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बीच लंबी मंत्रणा के बाद इन नामों पर मुहर लगी है। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- संगठन को मजबूती: वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सरकार के कामकाज से जोड़कर जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करना।
- योजनाओं का क्रियान्वयन: बोर्डों और निगमों के माध्यम से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी और उन्हें जनता तक पहुँचाना।
- प्रशासनिक संतुलन: कैबिनेट विस्तार के बाद बचे हुए वरिष्ठ नेताओं को उचित सम्मान और जिम्मेदारी देना।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक मायने
यह नियुक्तियां उत्तराखंड की राजनीति में बेहद अहम मानी जा रही हैं। 20 मार्च 2026 को हुए कैबिनेट विस्तार में मदन कौशिक और खजान दास जैसे 5 विधायकों को मंत्री बनाया गया था। उसके ठीक बाद इन 14 दायित्वधारियों की घोषणा यह दर्शाती है कि धामी सरकार विकास कार्यों की गति बढ़ाने के लिए पूरी टीम को सक्रिय कर रही है।
नवनियुक्त नेताओं ने मुख्यमंत्री धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा है कि वे अपनी ऊर्जा राज्य के विकास और “विकसित उत्तराखंड” के संकल्प को पूरा करने में लगाएंगे।