चमोली पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो ग्राहकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। पुलिस अधीक्षक (SP) सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
गिरफ्तार आरोपी:
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बंटी कुमार: निवासी बेगूसराय, बिहार (आदित्य ज्वेलर्स का संचालक)।
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पंकज कुमार: निवासी पटना, बिहार
- बरामदगी: आरोपियों के कब्जे से करीब ₹2.5 लाख की लेजर मल्टीपर्पस हॉलमार्क मशीन और कंप्यूटर उपकरण बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग फर्जी मुहर लगाने के लिए किया जाता था।
- घटनास्थल: ज्योतिर्मठ (जोशीमठ), चमोली।
ठगी का तरीका (Modus Operandi)
यह गिरोह अत्यंत शातिराना ढंग से काम करता था। जब ग्राहक अपने असली सोने के आभूषण दुकान पर गिरवी रखते थे, तो आरोपी उन्हें बदलकर कम कैरेट के आभूषण तैयार कर लेते थे। ग्राहक को धोखा देने के लिए, वे उन नकली या कम गुणवत्ता वाले गहनों पर अत्याधुनिक मशीन के जरिए 20 कैरेट की फर्जी हॉलमार्क मुहर लगा देते थे, ताकि पहली नजर में आभूषण असली ही लगें
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
धोखाधड़ी का यह मामला तब सामने आया जब ज्योतिर्मठ की निवासी लवली रावत ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने जुलाई 2025 में अपनी सोने की नथ और झुमके ‘आदित्य ज्वेलर्स’ के पास गिरवी रखे थे。
- करीब 6 महीने बाद जब उन्होंने अपने गहने वापस लिए, तो उन्हें गुणवत्ता पर संदेह हुआ।
- अन्य स्वर्णकारों से जांच कराने पर पता चला कि उनके असली गहनों को नकली से बदल दिया गया है और उन पर फर्जी हॉलमार्क लगाया गया है
पुलिस की कार्रवाई और अपील
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और अमानत में खयानत (धारा 406) के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में यह भी पाया गया कि हॉलमार्क मशीन बिना किसी वैध लाइसेंस के चलाई जा रही थी。 चमोली पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे आभूषण खरीदते या गिरवी रखते समय हॉलमार्क की प्रामाणिकता की सावधानीपूर्वक जांच करें。