मुख्य सचिव ने गुरुवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ आवारा जानवरों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर चर्चा करने के लिए बैठा की। सीएस ने निर्देश दिया कि सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाली जगहों पर कुत्तों और मवेशियों के संबंध में हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को क्षेत्रवार नोडल अधिकारी तैनात किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेषकर देहरादून, हरिद्वार, रुद्रपुर और काशीपुर जैसे बड़े शहरों में स्ट्रे डॉग्स के सम्बन्ध में हाईकोर्ट के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किए जाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने की बात कही।सीएस ने राष्ट्रीय राजमार्गों से लावारिस कुत्तों और गोवंश के सम्बन्ध में की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्रिटिकल स्थानों को चिन्हित करते हुए प्राथमिकता के आधार पर यथोचित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बेसहारा गोवंशों को रखने के लिए कांजीहाउस तैयार किए जाएं और उनके संचालन के लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।सीएस ने सचिव परिवहन को निर्देश दिए कि सभी बस टर्मिनलों और रेलवे स्टेशनों के आसपास आवारा जानवरों और मवेशियों की समस्या से निपटने के लिए लोकल बॉडीज़ की मदद से डिपार्टमेंट ज़रूरी कार्रवाई करे। सीएस ने स्थानीय लोगों को इन आवारा जानवरों को गोद लेने के लिए बढ़ावा देने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने का भी सुझाव दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पालतू जानवरों के मालिकों के लिए “क्या करें और क्या न करें” के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए।