देहरादून:
उत्तराखंड सरकार के निर्देशों पर प्रदेशभर में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने देहरादून जिले के
उत्तराखंड सरकार के निर्देशों पर प्रदेशभर में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत वन विभाग की टीम ने देहरादून जिले के
में बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने यहाँ लंबे समय से अवैध कब्जे में रही लगभग 1.3700 हेक्टेयर (करीब 1.37 हेक्टेयर) वन भूमि को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त करा लिया है।
संरक्षित वन क्षेत्र पर था अवैध कब्जा
जानकारी के अनुसार, बिष्ट गांव में स्थित यह भूमि आधिकारिक रिकॉर्ड में संरक्षित वन (Reserved Forest) के रूप में दर्ज है। पिछले कुछ समय से स्थानीय भू-माफियाओं और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध गतिविधियाँ संचालित की जा रही थीं। शिकायत मिलने और स्थलीय निरीक्षण के बाद विभाग ने पुलिस बल के सहयोग से इस जमीन को खाली कराया।
जानकारी के अनुसार, बिष्ट गांव में स्थित यह भूमि आधिकारिक रिकॉर्ड में संरक्षित वन (Reserved Forest) के रूप में दर्ज है। पिछले कुछ समय से स्थानीय भू-माफियाओं और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इस बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा कर अवैध गतिविधियाँ संचालित की जा रही थीं। शिकायत मिलने और स्थलीय निरीक्षण के बाद विभाग ने पुलिस बल के सहयोग से इस जमीन को खाली कराया।
कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- क्षेत्रफल: कुल 1.3700 हेक्टेयर वन भूमि पर से अवैध कब्जा हटाया गया।
- प्रकृति: यह जमीन ‘संरक्षित वन’ श्रेणी की है, जिस पर किसी भी प्रकार का निर्माण या निजी उपयोग प्रतिबंधित है।
- कानूनी कार्रवाई: विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल जमीन खाली कराना ही काफी नहीं है; अतिक्रमण करने वाले दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
वन अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल बिष्ट गांव तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के अन्य हिस्सों में भी वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर लिया गया है और आने वाले दिनों में बुलडोजर का एक्शन अन्य स्थानों पर भी देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित करना है।
वन अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल बिष्ट गांव तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के अन्य हिस्सों में भी वन भूमि पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित कर लिया गया है और आने वाले दिनों में बुलडोजर का एक्शन अन्य स्थानों पर भी देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित करना है।