उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश में पद्म भूषण से सम्मानित आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक रूप से समृद्ध राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए संतों और ऋषियों का मार्गदर्शन और आशीर्वाद अत्यंत आवश्यक है।

बैठक के मुख्य बिंदु:
  • आध्यात्मिक ऊर्जा और समाज: मुख्यमंत्री ने कहा कि 

     और उनके ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ संगठन द्वारा दिया जा रहा मार्गदर्शन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा है, जो देवभूमि के लिए प्रेरणादायक है।

  • सामाजिक समरसता: दोनों नेताओं के बीच सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
  • वैश्विक पहचान: 

     ने उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता को वैश्विक मंच पर एक विशिष्ट पहचान बताया और इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

  • विकास का संकल्प: संतों ने मुख्यमंत्री को ‘देवभूमि के धर्म रक्षक’ की संज्ञा दी और राज्य के रजत जयंती वर्ष (2025-26) के अवसर पर उत्तराखंड की प्रगति और समृद्धि के लिए आशीर्वाद दिया।

संत समाज और सरकार का समन्वय:
इससे पहले भी हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलनों में मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति के संरक्षण और सुशासन में संतों की भूमिका को रेखांकित किया है। आगामी कुंभ 2027 को भव्य और दिव्य बनाने के लिए भी सरकार और संत समाज मिलकर काम करने का संकल्प ले चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि संतों के सानिध्य और मार्गदर्शन से उत्तराखंड न केवल बुनियादी ढांचे में, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों में भी देश का अग्रणी राज्य बनेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *