हरिद्वार की धर्मनगरी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से रह रही एक बांग्लादेशी महिला और उसके मददगार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत की गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP)

नवनीत सिंह

के निर्देशन में ज्वालापुर पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) की संयुक्त टीम ने सत्यापन अभियान के दौरान इस नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने आरोपी महिला को ज्वालापुर के वैष्णवी एन्क्लेव (रामानंद कॉलेज के पास) से हिरासत में लिया।

मामले की मुख्य बातें:
  • आरोपी की पहचान: गिरफ्तार महिला का असली नाम 
    सहेला बेगम

     है, जो बांग्लादेश के कुमीला की निवासी है। उसने हरिद्वार में ‘स्वीटी’ नाम से अपनी नई पहचान बना ली थी।

  • मददगार गिरफ्तार: पुलिस ने महिला के मददगार 
    श्यामदास

     को भी गिरफ्तार किया है, जो छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का रहने वाला एक दिव्यांग व्यक्ति है। 

    श्यामदास

     ने ही महिला को शरण दी और उसके फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार करवाने में मदद की।

  • बरामदगी: महिला के पास से निम्नलिखित दस्तावेज बरामद हुए हैं:
    • बांग्लादेशी पासपोर्ट और नेशनल आईडी।
    • फर्जी भारतीय पासपोर्ट।
    • फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस।
    • मैरिज सर्टिफिकेट (फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार)।
  • कहानी का खुलासा: पूछताछ में सामने आया कि महिला 2023 में सोशल मीडिया के जरिए 
    श्यामदास

     के संपर्क में आई थी। वह शुरू में वैध वीजा पर भारत आई थी, लेकिन वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह अवैध रूप से दिल्ली और फिर हरिद्वार में रहने लगी।

कानूनी कार्रवाई:
दोनों आरोपियों के खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि फर्जी आधार और पासपोर्ट बनाने में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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