मुख्य अपडेट (अप्रैल 2026):
- रैपिड रेल का प्रस्ताव: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल (RRTS) को मुजफ्फरनगर, रुड़की के रास्ते हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने का अनुरोध किया है। इससे दिल्ली से तीर्थनगरी की दूरी और समय में भारी कमी आएगी।
- 73 किमी लंबा मेट्रो कॉरिडोर: राज्य सरकार देहरादून-हरिद्वार-ऋषिकेश के बीच लगभग 73 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर पर काम कर रही है। इस कॉरिडोर में दो मुख्य लाइनें होंगी जो सोंग नदी के पास नेपाली फार्म पर मिलेंगी।
- मेट्रो नियो और रोपवे: देहरादून और हरिद्वार शहर के भीतर भीड़ कम करने के लिए सरकार ‘मेट्रो नियो’ (Metro Neo) और रोपवे (Ropeway) परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। हरिद्वार में ‘हर की पैड़ी’ से चंडी देवी तक रोपवे बनाने की योजना है।
- कुंभ 2027 की तैयारी: आगामी महाकुंभ 2027 को देखते हुए, सरकार का लक्ष्य है कि हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच यातायात सुगम हो। इसके लिए ई-बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (e-BRTS) और आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली पर भी मंथन किया जा रहा है।
- गंगा कॉरिडोर और बुनियादी ढांचा: हरिद्वार में गंगा कॉरिडोर परियोजना के लिए 325 करोड़ रुपये की मांग की गई है, जिसमें विद्युत लाइनों का भूमिगतकरण और घाटों का सौंदर्यीकरण शामिल है।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- स्टेशन: हरिद्वार से ऋषिकेश के बीच लगभग 20 मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं।
- सुविधा: इस मेट्रो कॉरिडोर से प्रतिदिन लगभग 1 लाख यात्रियों के सफर करने का अनुमान है।
- पर्यावरण: यह पूरी परियोजना पर्यावरण के अनुकूल होगी और सड़क पर लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाएगी।