मुख्य समाचार: 77वां गणतंत्र दिवस समारोह – भारत की शक्ति और संस्कृति का प्रदर्शन
1. मुख्य अतिथि (Chief Guests):
इस वर्ष का समारोह कूटनीतिक रूप से बेहद खास रहा। यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता—यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन—इस ऐतिहासिक परेड के मुख्य अतिथि बने। यह पहली बार है जब यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व को संयुक्त रूप से इस सम्मान के लिए आमंत्रित किया गया।
2. मुख्य थीम (Theme):
परेड की मुख्य थीम “वंदे मातरम के 150 वर्ष” रही। इसके साथ ही ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ के संदेशों के साथ देश की प्रगति को दर्शाया गया।
3. सैन्य शक्ति का प्रदर्शन:
  • ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor): परेड में पिछले वर्ष मई में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों और रणनीतियों का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा।
  • स्वदेशी हथियार: ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश हथियार प्रणाली, मुख्य युद्धक टैंक ‘अर्जुन’ और भारत के पहले स्वदेशी मल्टी-कैलिबर रॉकेट लॉन्चर ‘सूर्यास्त्र’ ने कर्तव्य पथ पर अपनी गर्जना की।
  • नई टुकड़ियाँ: पहली बार नवगठित ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन और ‘शक्तिबाण’ रेजिमेंट ने परेड में हिस्सा लिया।
  • अशोक चक्र: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया।
4. सांस्कृतिक झाँकियाँ (Tableaux):
कुल 30 झाँकियों ने कर्तव्य पथ पर भारत की विविधता को प्रदर्शित किया।
  • उत्तर प्रदेश: बुंदेलखंड की विरासत और नीलकंठ महादेव स्तंभ का प्रदर्शन।
  • राजस्थान: बीकानेर की प्रसिद्ध ‘उस्ता कला’
  • पंजाब: गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष को समर्पित।
  • केरल: देश की पहली वॉटर मेट्रो और 100% डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि।
5. आसमान में दम: फ्लाईपास्ट (Flypast):
समारोह का समापन भारतीय वायु सेना के शानदार फ्लाईपास्ट के साथ हुआ। राफेल, सुखोई-30 MKI, और मिग-29 विमानों ने आसमान में ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ बनाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

 

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