लोहाघाट। उत्तराखंड के चम्पावत जिले के अंतर्गत लोहाघाट स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। यहाँ फार्मेसी विभाग की प्रयोगशाला (लैब) में प्रयोगात्मक कार्य के दौरान अचानक केमिकल की बोतल गिरने से सात छात्राएं उसकी गंध के प्रभाव में आकर बेहोश हो गईं। घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार को फार्मेसी प्रथम वर्ष की छात्राएं अपनी शिक्षिका के मार्गदर्शन में लैब में प्रैक्टिकल कर रही थीं। इसी दौरान अचानक एक केमिकल की बोतल फर्श पर गिरकर टूट गई। बोतल से निकले रसायन की तीखी गंध पूरी लैब में फैल गई। गंध इतनी तेज थी कि वहां मौजूद सात छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और वे देखते ही देखते बेहोश हो गईं।
त्वरित कार्रवाई और उपचार
छात्राओं के बेहोश होते ही कॉलेज प्रशासन तुरंत हरकत में आया। आनन-फानन में सभी प्रभावित छात्राओं को स्थानीय चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनका उपचार शुरू किया।
कॉलेज प्रशासन का कहना है: “प्रैक्टिकल के दौरान यह एक दुर्घटना थी। केमिकल की गंध के कारण छात्राओं को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिससे वे अचेत हो गईं। सभी छात्राओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।”
अभिभावकों में चिंता
घटना की खबर मिलते ही छात्राओं के अभिभावक और अन्य छात्र भी अस्पताल पहुँचने लगे। फिलहाल डॉक्टरों के अनुसार छात्राओं की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इस घटना ने प्रयोगशालाओं में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।