ऋषिकेश में वन भूमि के सर्वे को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। सर्वे के दौरान हालात इतने बिगड़े कि आक्रोशित भीड़ ने पथराव कर दिया। जिससे पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।दरअसल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ऋषिकेश के आसपास के इलाकों में वन भूमि चिन्हीकरण किया जा रहा है। इसी कार्रवाई से लोग काफी आक्रोश में हैं। जिसके चलते लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सैकड़ों लोग सड़क के साथ-साथ रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खाली वन भूमि के सर्वे के विरोध में करीब साढ़े चार घंटे तक स्थानीय लोगों ने सड़क जाम की।मामला तब गरमाया जब कार्रवाई के दौरान आक्रोशित भीड़ ने पथराव करना शुरू कर दिया। जिससे पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद ही राज्य सरकार इस मामले में एक्टिव हुई थी। इस भूमि प्रकरण के लिए समिति भी बनाई गई थी। 5 सदस्यीय समिति को 15 दिन का वक्त दिया गया था।
बता दें कि एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वन विभाग को खाली पड़ी भूमि का सर्वे करने का निर्देश दिया था। साथ ही उन्हें कब्जे में लेने का भी आदेश जिला कलेक्टर को दिया था। जिसके बाद ही वन विभाग खाली पड़ी भूमि पर कार्रवाई चला रही है।
जिसको लेकर लोग विरोध कर रहे है। दरअसल वन विभाग की कब्जे वाली भूमि हाथ से ना चली जाए इसको लेकर लोगों में गुस्सा देखने को मिल रहा है। मनसा देवी रेलवे फाटक पर सैकड़ों की संख्या में लोग विरोध में इक्ट्टा हो गए। जिसमें ज्यादातर महिलाए शामिल है।जानकारी के मुताबिक ऋषिकेश इलाके में लीज पर दी गई वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायतें आ रही थीं। ये मामला 2,866 एकड़ भूमि से जुड़ा हुआ है। इस जमीन को 26 मई 1950 को 99 साल की लीज पर पशु लोक सेवा मंडल संस्थान को दिया गया था।