नई दिल्ली/दुबई | 12 मार्च, 2026
मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच समुद्री व्यापारिक मार्गों पर हमले तेज हो गए हैं। बुधवार, 11 मार्च 2026 को ‘मयूरी नारी’ (Mayuree Naree) नामक थाई ध्वज वाले जहाज को निशाना बनाया गया, जो गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर आ रहा था।
घटना का विवरण
  • हमला और आग: जहाज यूएई के खलीफा पोर्ट से रवाना हुआ था। होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते समय इस पर दो अज्ञात प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या ड्रोन) से हमला किया गया, जिससे इसके इंजन रूम में भीषण आग लग गई।
  • रेस्क्यू ऑपरेशन: हमले के बाद जहाज से काला धुआं उठने लगा और क्रू मेंबर्स को जहाज छोड़ना पड़ा। ओमान की रॉयल नेवी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 20 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया है।
  • लापता कर्मचारी: मयूरी नारी पर कुल 23 कर्मचारी सवार थे। वर्तमान रिपोर्टों के अनुसार, 3 कर्मचारी अभी भी लापता हैं, जिनके इंजन रूम में फंसे होने की आशंका है।
  • हमले की जिम्मेदारी: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि जहाज ने उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मंत्रालय ने कहा:
  • वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाना “अस्वीकार्य” है।
  • पश्चिमी एशिया के संघर्ष में नागरिक जहाजों को सैन्य लक्ष्य बनाना अंतरराष्ट्रीय व्यापार और नौवहन की स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
  • भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

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