हरिद्वार (श्यामपुर): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्यामपुर के आर्यनगर (पूर्व नाम गाजीवाली) में आयोजित ‘मुख्य सेवक जन चौपाल’ के दौरान एक कड़ा संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि क्षेत्र का नाम आधिकारिक तौर पर बदला जा चुका है और अब इसे केवल ‘आर्यनगर’ के नाम से ही जाना जाएगा।
नाम पर जताया ऐतराज
जन चौपाल के दौरान जब कई वक्ताओं और स्थानीय लोगों ने अपने संबोधन में बार-बार ‘गाजीवाली’ शब्द का प्रयोग किया, तो मुख्यमंत्री ने मंच से ही इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जब सरकार नाम परिवर्तन की अधिसूचना जारी कर चुकी है, तो पुराने नामों का मोह त्यागना होगा।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश
सीएम धामी ने केवल जनता ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- भविष्य में किसी भी सरकारी संबोधन या भाषण में पुराने नाम का उपयोग न किया जाए।
- सभी सरकारी दस्तावेज़ों, पत्राचार और लेखन कार्य में तत्काल प्रभाव से ‘आर्यनगर’ का ही उल्लेख सुनिश्चित हो। अमर उजाला
- शासन स्तर पर जारी घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सांस्कृतिक पहचान पर जोर
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि नामों का यह परिवर्तन जनभावनाओं और भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि देवभूमि के स्थानों के नाम हमारी समृद्ध विरासत और महापुरुषों के अनुरूप होने चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रहें।
जन समस्याओं का किया समाधान
इस चौपाल में मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों और किसानों की समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री लगातार ऐसे आयोजनों के जरिए सीधे जनता से संवाद कर रहे हैं।