देहरादून: उत्तराखंड सरकार राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में फलोत्पादन (Horticulture) को आजीविका का मुख्य आधार बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में आज सचिवालय सभागार में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक के मुख्य बिंदु:
  • उत्तराखंड बनेगा ‘फ्रूट बेल्ट’: मुख्य सचिव ने राज्य को एक विशिष्ट ‘फल पट्टी’ (Fruit Belt) के रूप में विकसित करने पर जोर दिया। इसके लिए ड्रैगन फ्रूट, कीवी और सेब की बागवानी को क्लस्टर आधारित मिशन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
  • ड्रैगन फ्रूट और कीवी पर फोकस: मुख्यमंत्री कृषि विकास योजना के अंतर्गत राज्य में ड्रैगन फ्रूट और कीवी के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। इन फलों की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए इन्हें किसानों की आय बढ़ाने का जरिया बनाया जाएगा।
  • सेब की ‘अति सघन बागवानी’: प्रदेश में सेब की पैदावार बढ़ाने के लिए अति सघन बागवानी योजना (Ultra High Density Plantation) को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, सेब की तुड़ाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ‘सुफल’ (Post Harvest Management) योजना के बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की गई।
  • पर्वतीय आजीविका का सशक्त माध्यम: बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि कैसे फलोत्पादन के माध्यम से पहाड़ों से हो रहे पलायन को रोका जाए और स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे काश्तकार तक पहुँचना चाहिए। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को तकनीक और आधुनिक उपकरणों के उपयोग में तेजी लाने को कहा गया है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed