मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 मार्च 2026 को उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी
गैरसैंण में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1,11,703.23 करोड़ का बजट पेश किया है। यह राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 10.41% अधिक है। मुख्यमंत्री धामी, जो वित्त मंत्री का कार्यभार भी संभाल रहे हैं, ने इस बजट का मूल मंत्र ‘SANTULAN’ (संतुलन) बताया है। इसका अर्थ है: समावेशी (S), आत्मनिर्भर (A), नई सोच (N), तीव्र विकास (T), उन्नत गांव और शहर (U), लोक सहभागिता (L), आर्थिक शक्ति (A) और न्यायपूर्ण व्यवस्था (N)।
प्रमुख क्षेत्रों के लिए बजट आवंटन:
- किसानों और कृषि के लिए प्रोत्साहन:
- किसानों के लिए ‘मिलेट मिशन’ के लिए ₹12 करोड़ और किसान पेंशन योजना के लिए ₹12.06 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- मत्स्य संपदा योजना हेतु ₹160.13 करोड़ और मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़ का प्रावधान है।
- महिलाओं और बच्चों का कल्याण:
- नंदा गौरा योजना के लिए ₹220 करोड़ और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए ₹30 करोड़ की राशि तय की गई है।
- सक्षम आंगनबाड़ी पोषण योजना हेतु ₹598 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
- बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी:
- लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए ₹2,501 करोड़ और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के लिए ₹1,065 करोड़ का प्रावधान है।
- कुंभ मेले की तैयारियों के लिए ₹1,027 करोड़ की एक बड़ी राशि आवंटित की गई है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य:
- अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए ₹600 करोड़ का बजट रखा गया है ताकि नागरिकों को निशुल्क इलाज मिल सके।
- युवा और रोजगार:
- पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु ₹60 करोड़ का आवंटन किया गया है।
- पर्यावरण और नई तकनीक:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती तकनीकों के लिए ₹13 करोड़, जबकि जलवायु परिवर्तन शमन के लिए ₹60 करोड़ दिए गए हैं।
बजट सत्र की विशेष बातें
- ऐतिहासिक पल: यह पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के अभिभाषण के ही दिन बजट पेश कर एक नया इतिहास रचा है।
- आर्थिक सर्वेक्षण: राज्य की जीएसडीपी (GSDP) वर्ष 2024-25 में ₹3,81,889 करोड़ रही, जो 2021-22 की तुलना में डेढ़ गुना अधिक है।