: संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत दो दिवसीय प्रवास पर पहुंचे, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों में होंगे शामिल
: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत शनिवार की देर शाम उत्तराखंड की राजधानी
पहुंच गए हैं। संघ प्रमुख का यह दो दिवसीय प्रवास आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न संवाद कार्यक्रमों पर केंद्रित रहेगा।
प्रमुख कार्यक्रम और संवाद:
प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डॉ. भागवत का यह प्रवास सांगठनिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डॉ. भागवत का यह प्रवास सांगठनिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है:
- प्रबुद्ध जन संवाद (22 फरवरी): रविवार को डॉ. भागवत नींबूवाला स्थित हिमालयन कल्चर सेंटर में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और प्रमुख हस्तियों के साथ संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम में डॉक्टर्स, प्रशासनिक अधिकारी, खिलाड़ी और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है।
- पूर्व सैनिक मिलन (23 फरवरी): प्रवास के दूसरे दिन यानी सोमवार को वह सेवानिवृत्त सैनिकों और अधिकारियों के साथ विशेष गोष्ठी में शामिल होंगे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम:
सरसंघचालक की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा को देखते हुए कार्यक्रम स्थलों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, संवाद कार्यक्रमों में प्रवेश केवल डिजिटल निमंत्रण पत्र के माध्यम से ही संभव होगा।
सरसंघचालक की ‘जेड प्लस’ सुरक्षा को देखते हुए कार्यक्रम स्थलों पर कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, संवाद कार्यक्रमों में प्रवेश केवल डिजिटल निमंत्रण पत्र के माध्यम से ही संभव होगा।
शताब्दी वर्ष का अभियान:
संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे उत्तराखंड में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. भागवत के आगमन से पहले प्रदेश भर में 1000 हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग तक संघ का संदेश पहुँचाया जा सके।
संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पूरे उत्तराखंड में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। डॉ. भागवत के आगमन से पहले प्रदेश भर में 1000 हिंदू सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समाज के हर वर्ग तक संघ का संदेश पहुँचाया जा सके।
डॉ. भागवत अपने प्रवास के दौरान संघ के प्रांत कार्यालय में ठहरेंगे और संगठन की आगामी गतिविधियों की समीक्षा भी करेंगे।