देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 11 फरवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में मुख्य रूप से श्रमिकों के हितों, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और नशा मुक्ति अभियान को मजबूती देने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
कैबिनेट बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं
- बोनस संशोधन एक्ट की वापसी: श्रम विभाग के अंतर्गत कोविड काल के दौरान लाए गए ‘पेमेंट ऑफ बोनस संशोधन एक्ट 2020’ को वापस लेने का निर्णय लिया गया है। अब उद्योगों को घाटे की स्थिति में भी श्रमिकों को बोनस देना अनिवार्य होगा।
- ESI डॉक्टरों की भर्ती: राज्य में कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) के तहत चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ‘लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006’ में संशोधन किया गया है। इसके माध्यम से 94 नए पदों के सृजन और भर्ती का रास्ता साफ हो गया है।
- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) का सुदृढ़ीकरण: राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए गठित ANTF के लिए 22 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। अब यह टास्क फोर्स अपनी स्वतंत्र टीम के साथ काम कर सकेगी।
- वन श्रमिकों का मानदेय: वन विभाग और वन विकास निगम में कार्यरत 589 दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों को अब 18,000 रुपये का न्यूनतम मानदेय दिया जाएगा।
- सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना का विस्तार: मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है, जिससे छोटे खाद्य उद्यमियों को योजना का लाभ मिलता रहेगा।
- कारागार अधिनियम में संशोधन: कैबिनेट ने उत्तराखंड कारागार एवं सुधार सेवा (संशोधन) अधिनियम 2026 के मसौदे को मंजूरी दी है, जिसमें ‘आदतन अपराधियों’ की परिभाषा को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार अपडेट किया गया है।