और
के बीच बढ़ते तनाव के कारण वहां फंसे उत्तराखंड के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए राज्य सरकार ने कदम उठाए हैं। उत्तराखंड गृह विभाग ने ईरान में फंसे राज्य के 35 निवासियों की सूची तैयार कर सहायता के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) को भेज दी है।
प्रमुख विवरण:
- कुल नागरिक: 35 निवासी वर्तमान में ईरान में फंसे हुए हैं।
- क्षेत्रवार विवरण:
-
: 32 निवासी (मुख्य रूप से मंगलौर और आसपास के क्षेत्रों से)।
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: 2 निवासी।
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: 1 निवासी।
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- सरकारी कार्रवाई: उत्तराखंड सरकार भारत सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर रही है ताकि इन नागरिकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित की जा सके।
परिजनों की चिंता और मांग
ईरान में इंटरनेट और संचार सेवाएं बाधित होने के कारण उत्तराखंड के कई परिवारों का अपने परिजनों से संपर्क टूट गया है। मंगलौर के विधायक काजी मोहम्मद निजामुद्दीन ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले को मानवीय आधार पर संवेदनशील बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
पृष्ठभूमि
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध जैसे हालातों के कारण कई भारतीय छात्र और कामगार वहां फंसे हुए हैं। देहरादून और
हरिद्वार
के कई युवा धार्मिक शिक्षा (पीएचडी) और रोजगार के सिलसिले में ईरान के
और
जैसे शहरों में रह रहे हैं। केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि विदेशों में फंसे भारतीयों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और पूर्व के ऑपरेशनों की तरह ही उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।