हल्द्वानी/देहरादून, 04 अप्रैल 2026
उत्तराखंड सरकार के सफल चार वर्ष (दूसरे कार्यकाल सहित) पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2022 के चुनावों में मैंने उन्हें ‘धाकड़ धामी’ कहा था, लेकिन उनके द्वारा पिछले चार सालों में किए गए “धुआंधार” कार्यों को देखते हुए अब उन्हें ‘धुरंधर धामी’ कहा जाना चाहिए।
नया नाम और बढ़ती चुनौतियाँ
रक्षा मंत्री द्वारा दिए गए इस ‘धुरंधर’ विशेषण के बाद राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री पर राज्य के विकास और 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर जिम्मेदारी और अधिक बढ़ गई है।
- विकास कार्यों में तेजी: राजनाथ सिंह ने उल्लेख किया कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में इतनी तेजी से विकास की उन्होंने कभी कल्पना नहीं की थी।
- कठोर निर्णय: समान नागरिक संहिता (UCC) और नकल विरोधी कानून जैसे कड़े फैसलों ने धामी की छवि को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है।
- अतिक्रमण पर प्रहार: राज्य में 10,000 से अधिक अवैध अतिक्रमण हटाए जाना भी उनकी ‘धुरंधर’ कार्यशैली का हिस्सा माना गया।
14 नेताओं को मिली नई जिम्मेदारी
इसी ‘धुरंधर’ कार्यशैली को आगे बढ़ाते हुए सरकार ने संगठन को भी मजबूती दी है। कल ही राज्य के 14 वरिष्ठ भाजपा नेताओं को विभिन्न बोर्डों और परिषदों में ‘दायित्वधारी’ (उपाध्यक्ष/अध्यक्ष) के रूप में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें ध्रुव रौतेला,
सीमा चौहान
और विनोद सुयाल जैसे नाम प्रमुख हैं। इन नियुक्तियों का उद्देश्य शासन और जनता के बीच की कड़ी को और मजबूत करना है।
धुरंधर धामी का संकल्प
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि ‘धुरंधर’ शब्द उनके लिए केवल एक प्रशंसा नहीं, बल्कि सवा करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा का एक बड़ा संकल्प है। उन्होंने ‘विकास के साथ विरासत’ के मंत्र पर चलते हुए ऋषिकेश और देहरादून जैसे शहरों को आधुनिक बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।