मंत्री रेखा आर्या ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड में घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने गैस वितरण कंपनियों और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:
- पर्याप्त स्टॉक का दावा: मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 80,861 घरेलू और 12,146 कमर्शियल सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में दैनिक रूप से नियमित सप्लाई पहुंच रही है।
- कालाबाजारी पर प्रहार: कृत्रिम अभाव पैदा करने या कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सरकार बेहद सख्त है। मंत्री ने निर्देश दिए कि यदि कोई भी मुनाफाखोरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज की जाए। अब तक विभाग द्वारा 173 स्थानों पर छापेमारी की गई है और 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
- अनिवार्य होम डिलीवरी: जिला पूर्ति अधिकारियों (DSO) को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के बजाय अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी के माध्यम से ही सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएं।
- नए कनेक्शन में तेजी: व्यावसायिक सिलिंडर का कनेक्शन लेने के इच्छुक व्यवसायियों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थाओं को आवेदन के 24 घंटे के भीतर कनेक्शन देने के निर्देश गैस कंपनियों को दिए गए हैं।
- पीएनजी (PNG) विस्तार: प्रदेश में पीएनजी पाइपलाइन के दायरे को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार से एनओसी (NOC) प्रक्रिया को तेज करने का अनुरोध किया जाएगा।
अधिकारियों की जवाबदेही तय:
बैठक के दौरान आपूर्ति में ढिलाई बरतने पर बीपीसीएल (BPCL) के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई गई। मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि सुधार नहीं हुआ, तो इसकी शिकायत सीधे केंद्र सरकार से की जाएगी। बैठक में विभागीय सचिव एल. फैनई और अपर आयुक्त पीएस पांगती समेत आईओसी, बीपीसी और एचपीसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।