उत्तराखंड की एकल महिलाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 10 फरवरी को
से मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए प्रदेश की निराश्रित, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
योजना की मुख्य बातें:
- 75% सब्सिडी: सरकार महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए परियोजना लागत पर 75 प्रतिशत की भारी सब्सिडी प्रदान करेगी।
- प्रोजेक्ट लागत: यह योजना 50 हजार से लेकर 2 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट्स के लिए लागू होगी।
- ऋण की सुविधा: बाकी की 25 प्रतिशत धनराशि लाभार्थियों को बिना किसी गारंटर के ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
- प्रथम चरण के लाभार्थी: शुरुआत में विभिन्न जिलों की 484 महिलाओं को इस योजना के तहत लाभान्वित किया जाएगा।
पात्रता और लाभ:
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अंतर्गत महिलाएं कृषि, बागवानी, पशुपालन, पोल्ट्री फार्मिंग और ब्यूटी पार्लर जैसे कई क्षेत्रों में अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की आयु 21 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अंतर्गत महिलाएं कृषि, बागवानी, पशुपालन, पोल्ट्री फार्मिंग और ब्यूटी पार्लर जैसे कई क्षेत्रों में अपना व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की एकल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। इच्छुक महिलाएं अधिक जानकारी के लिए अपने जिले के DPO या CDPO कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं।
ये आधिकारिक सरकारी योजना संसाधन उत्तराखंड में एकल महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसरों का विवरण देते हैं: