ऋषिकेश/देहरादून: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने योग को विश्व में शांति, स्वास्थ्य और संतुलन का दिव्य मार्ग बताया है। ऋषिकेश में आयोजित 38वें अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव (International Yoga Festival) के दौरान उन्होंने यह उद्गार व्यक्त किए।
समाचार का मुख्य विवरण
- कार्यक्रम: ऋषिकेश के परमार्थ निकेतन में आयोजित 38वां अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव।
- मुख्य अतिथि: उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।
- राज्यपाल का संदेश: राज्यपाल ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने का एक माध्यम है। उन्होंने योग को विश्व शांति और आध्यात्मिक संतुलन के लिए “सार्वभौमिक विज्ञान” (Universal Science) करार दिया।
- महिला सशक्तिकरण और योग: वर्ष 2026 के लिए योग महोत्सव का एक प्रमुख केंद्र बिंदु “योग के माध्यम से महिला सशक्तिकरण” भी रहा है, जो महिलाओं के जीवन में शक्ति और संतुलन लाने में योग की परिवर्तनकारी भूमिका को उजागर करता है।
प्रमुख बिंदु (Key Highlights)
- विश्व शांति का मार्ग: राज्यपाल के अनुसार, वर्तमान समय में जब विश्व विभिन्न चुनौतियों और तनावों से गुजर रहा है, योग शांति और सद्भाव का एक वैश्विक मार्ग प्रशस्त करता है。
- समग्र कल्याण: योग स्वास्थ्य और कल्याण के लिए एक समग्र दृष्टिकोण (Holistic Approach) प्रदान करता है, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भी मान्यता दी है।
- तैयारियां और महोत्सव: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की पूर्व तैयारियों के हिस्से के रूप में इस महोत्सव को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है