प्रमुख मांगें और परियोजनाएं:
मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और पर्यटन की महत्ता को देखते हुए निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे:
  • आरआरटीएस (RRTS) विस्तार: दिल्ली-मेरठ के बीच संचालित रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) को हरिद्वार और ऋषिकेश तक विस्तारित करने का अनुरोध किया।
  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना: इस महत्वपूर्ण सामरिक परियोजना को वर्ष 2026 तक पूर्ण कर इसका उद्घाटन करने का आग्रह किया।
  • डिजिटल कुंभ 2027: हरिद्वार कुंभ को तकनीक से जोड़ने के लिए सीएम ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से ₹143.96 करोड़ की वित्तीय सहायता मांगी।
  • नई रेल लाइनें:
    • टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने और इसके लिए पूर्ण केंद्रीय वित्त पोषण की मांग की।
    • बागेश्वर-कर्णप्रयाग रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे की अनुमति मांगी।
  • स्टेशनों का आधुनिकीकरण: हरिद्वार और देहरादून रेलवे स्टेशनों को मॉडल स्टेशनों के रूप में विकसित करने और हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन के दोहरीकरण पर चर्चा की।
  • नई ट्रेन सेवाएं: अहमदाबाद से काठगोदाम, हरिद्वार और देहरादून के लिए सीधी ट्रेनें चलाने तथा टनकपुर से राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी तक नई ट्रेन सेवा शुरू करने का अनुरोध किया
बैठक का महत्व:
मुख्यमंत्री ने कहा कि रेल सेवाओं के विस्तार से न केवल स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए यात्रा सुगम होगी, बल्कि राज्य की आर्थिकी को भी मजबूती मिलेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

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