विंटर लाइन कार्निवाल के तहत शहीद स्थल पर होने वाले कार्यक्रम वहां पर पटरी व्यवसायियों के धरना देने के कारण स्थगित कर दिए गये व उन्हें दूसरी जगह कार्यक्रम करने पड़े।
मालरोड से पटरी हटाये जाने के विरोध में पटरी व्यापारी शहीद स्थल पर विगत दिनों से धरना दे रहे हैं जिसके चलते शहीद स्थल पर विंटर लाइन कार्निवाल के कार्यक्रम नहीं हो पाये। इस मौके पर पटरी व्यवसायी गीता जोशी ने कहा कि यहां पर कार्यक्रम करवाने के लिए पुलिस आयी थी लेकिन कोई नहीं हटा उन्होंने कहाकि गत दिवस एक धरना देने वाली महिला बेहोश हो गयी थी जिसे देहरादून रैफर किया गया व सभी की रोजी रोटी पर प्रभाव पड़ा है पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी हमारे दर्द को नहीं समझ रही। धरना जारी रहेगा हमारी रोजी रोटी की मांग है हमें किसी से लड़ाई नहीं करनी। आश्चर्य की बात है कि उनके धरने पर कोई भी सभासद या नेता नहीं आये। कोमल देवी ने कहा कि पांच दिन से धरना दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन नहीं सुन रहा। इसके लिए नगर पालिका दोषी है, कई लोगों का गलत चयन किया गया, सपना ने कहाकि वह दस साल से पटरी लगा रही है, लेकिन हमारा नाम काट दिया गया इसकी जांच करनी चाहिए, कोई कमाने वाला नहीं आदमी बीमार है, पालिकाध्यक्ष को सब पता है लेकिन कुछ नहीं कर रही, उनको वोट दिया है। जिनके कमाने वाले है उन्हें पटरी पर बैठाया जा रहा है। रेहडी पटरी समिति के अध्यक्ष राम किशन राही व महामंत्री गोविंद नौटियाल ने कहाकि हम यहां पर शांतिपूर्वक धरना दे रहे है, उन्हें प्रशासन हटाने का प्रयास कर रही है अगर गिरफतार करना है तो करें, लेकिन कोई पूछने तक नहीं आ रहा। टीवीसी कमेटी में अपने लोग रखे है। आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक समस्या का समाधान नहीं किया जाता। मालरोड से पटरी हटा दी, सभी जरूरतमंद है। पालिकाध्यक्ष बताये कि वह कौन सी दुश्मनी निकाल रहे है। नये साल का इंतजार पूरे साल करते हैं, लेकिन इस बार हटा दिया गया। जब पालिका खुद खोखे बना कर दे रही थी तब अतिक्रमण नहीं था, पटरी वालों को आपस में लडा कर गुट बना दिया गया है।

इस मौके पर नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने धरना स्थल पर जाकर पटरी वालों को बात की। उन्होंने कहा कि यहां पर कार्यक्रम किए जाने थे जिस पर वार्ता की जानी थी, लेकिन उनकी मांग स्वीकार करना संभव नहीं है, उनका कहना है कि जब तक निर्णय नहीं होता है उन्हें न हटाया जाय जबकि छह महीने पहले, फिर 25 अक्टूबर व 20 दिसंबार की डेड लाइन दी गयी थी व 24 दिसंबर को पटरी हटायी गयी व जो पात्र थे उन्हें बिठा दिया गया, लेकिन इनकी मांग है कि दुबारा चयन हो, मालरोड पर बैठने दिया जाय जो संभव नहीं है लेकिन इस प्रक्रिया को अभी बंद नहीं किया गया है, पालिका गाइड लाइन में जो पात्र है उन्ही को विस्थापित किया जायेगा व अभी इनसे बात चल रही है धरना देना लोकतात्रिंक अधिकार है।

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