जानकारी के अनुसार देहरादून के व्यस्त तिब्बती मार्केट में गैस एजेंसी संचालक अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई की है। शहीद कर्नल के बेटे अर्जुन शर्मा को गोली मारने वाले दोनों बदमाशों को पुलिस ने दो अलग-अलग मुठभेड़ों में पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
हत्याकांड और पुलिस मुठभेड़ का विवरण:
- हत्या का घटनाक्रम: बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे, अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा परेड ग्राउंड में टेनिस खेलकर अपनी कार की ओर बढ़ रहे थे, तभी स्कूटी सवार दो हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। उन्हें दून अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- पहली मुठभेड़ (लाडपुर जंगल): एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर शहर में चल रही सघन चेकिंग के दौरान रायपुर थाना क्षेत्र के
में पुलिस और बदमाशों के बीच पहली मुठभेड़ हुई। यहाँ एक शूटर को पैर में गोली लगने के बाद दबोच लिया गया।
- दूसरी मुठभेड़ (लालतप्पड़): दूसरी कार्रवाई लालतप्पड़ क्षेत्र की एक खंडहर फैक्ट्री में हुई, जहाँ भागने की कोशिश कर रहे दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद घायल अवस्था में गिरफ्तार किया।
- आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार किए गए बदमाश दो भाई हैं, जिनमें से एक का नाम राजू राणा (आपराधिक इतिहास वाला) और दूसरे का नाम पंकज राणा है। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और अवैध तमंचे बरामद हुए हैं।
हत्या की वजह: करोड़ों का संपत्ति विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच और मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा की तहरीर के अनुसार, यह हत्या करोड़ों रुपये के संपत्ति विवाद से जुड़ी प्रतीत हो रही है। मृतक की पत्नी ने अपनी सास (बीना शर्मा) और तीन अन्य लोगों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज कराया है।
मुख्य बिंदु:
- अर्जुन शर्मा शहीद कर्नल आर.सी. शर्मा के बेटे थे।
- हमलावरों ने वारदात से पहले इलाके में सिगरेट पीते हुए काफी देर इंतज़ार किया था।
- देहरादून में पिछले 15 दिनों के भीतर यह हत्या की चौथी बड़ी घटना है, जिसने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए थे।